भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार विवादों में हैं। इसी बीच केंद्र में सत्तारूढ़ NDA यानी नेशनल डेमोक्रेटिक अलायंस के दूसरे सबसे बड़े दल NCPI ने ज्ञानेश कुमार के लिए भारत रत्न की मांग की है। इस संबंध में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र भी लिखा गया है। खास बात है कि यूसुफ पठान समेत तृणमूल कांग्रेस के बागी 7 सांसद पार्टी के पदाधिकारी हैं।
एनसीपीआई अध्यक्ष ज्योति प्रकाश चटर्जी ने पीएम मोदी को पत्र लिखा है। उन्होंने पश्चिम बंगाल में चुनाव को लेकर सीईसी की जमकर तारीफ भी की है। खास बात है कि यह घटनाक्रम ऐसे समय पर हो रहा है, जब विपक्षी गठबंधन INDIA के दल पूरे देश में बड़े प्रदर्शन की तैयारी कर रहे हैं। खबरें आईं थीं कि कई भाजपा कार्यकर्ताओं ने पश्चिम बंगाल में कुमार को सम्मानित करने की मांग की थी।
संघवाद प्रतिदिन के अनुसार, एनसीपीआई ने पत्र में लिखा, ‘भारतीय लोकतंत्र की ताकत में विश्वास रखने वाले एक नागरिक के तौर पर मैं यह अनुरोध करता हूं कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को भारत रत्न से सम्मानित किया जाए। चुनाव प्रक्रिया में उनका योगदान बहुत बड़ा है, क्योंकि उन्होंने पश्चिम बंगाल में शांतिपूर्ण और विश्वसनीय चुनाव संपन्न कराए। लंबे समय तक बंगाल में वोटिंग के साथ आतंकवाद, धांधली और हिंसा जुड़ी रही थी, लेकिन ज्ञानेश के नेतृत्व में मतदाताओं का चुनाव प्रक्रिया पर भरोसा फिर से बहाल हुआ है।’
उमर अब्दुल्ला ने कसा तंज
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा, ‘पद्म भूषण? बस यहीं क्यों रुकना? उन्हें भारत रत्न दे दीजिए। राष्ट्रपति चुनाव में एक-दो साल बचे हैं? उन्हें राष्ट्रपति बना दीजिए। उन्होंने भाजपा के लिए इतना कुछ जो किया है। पश्चिम बंगाल भाजपा को तोहफ़े में दे दिया। अब, पद्म भूषण की बात करें तो मुझे लगता है कि यह उनके साथ बहुत बड़ा अन्याय है।’
उन्होंने कहा, ‘बिना किसी वजह के आज सभी विपक्षी दल चुनाव आयोग के खिलाफ नहीं हैं। सबूत किसी राजनीतिक दल ने पेश नहीं किए थे, ये सबूत एक अखबार की जांच से सामने आए हैं।’ केंद्र शासित प्रदेश जम्मू कश्मीर में 2029 के विधानसभा चुनाव के बारे में पूछे जाने पर अब्दुल्ला ने कहा, ‘2029 अभी बहुत दूर है। पहले 2026, 27 और 28 तो बीत जाने दें, फिर 29 के बारे में बात करेंगे।’

