रांची/खूंटी: केरल के वायनाड में हुए भीषण भूस्खलन में जान गंवाने वाले झारखंड के खूंटी जिले के प्रवासी मजदूर अनमोल डोडराय का पार्थिव शरीर गुरुवार को रांची पहुंचा। जैसे ही शव रांची पहुंचा, परिजनों का दर्द छलक पड़ा। अपने भाई का शव देखते ही बहन फूट-फूटकर रोने लगीं। वहां मौजूद लोगों की आंखें भी नम हो गईं।
अनमोल डोडराय रोजी-रोटी की तलाश में केरल गए थे, लेकिन वायनाड में आई भीषण प्राकृतिक आपदा ने उनकी जिंदगी छीन ली। इस हादसे ने न सिर्फ एक परिवार का सहारा छीन लिया, बल्कि पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है।
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
रांची पहुंचते ही पार्थिव शरीर को देखने के लिए परिजन और परिचित बड़ी संख्या में पहुंचे। अपनों के बीच अनमोल का शव पहुंचते ही माहौल गमगीन हो गया। बहन अपने भाई को अंतिम बार देखकर खुद को संभाल नहीं सकीं और बिलख-बिलख कर रोने लगीं। परिजनों का दर्द देखकर वहां मौजूद लोगों की आंखें भी भर आईं।
रोजगार की तलाश में गए थे केरल
बताया जा रहा है कि अनमोल डोडराय रोजगार की तलाश में केरल के वायनाड में काम कर रहे थे। इसी दौरान भीषण भूस्खलन की चपेट में आने से उनकी मौत हो गई। घटना के बाद प्रशासन और संबंधित एजेंसियों की प्रक्रिया पूरी होने के बाद उनका पार्थिव शरीर झारखंड लाया गया।
गांव में शोक का माहौल
अनमोल की मौत की खबर मिलते ही खूंटी जिले में उनके गांव और आसपास के इलाके में मातम पसर गया। परिजन अब भी इस सदमे से उबर नहीं पाए हैं। स्थानीय लोगों ने भी परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की है।
प्रवासी मजदूरों की सुरक्षा और आपदा के समय त्वरित सहायता को लेकर भी इस घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। वहीं, परिवार अपने बेटे को खोने के गम में डूबा हुआ है।

