काठमांडू। नेपाल के रसुवा जिले में अचानक आई बाढ़ से हालात गंभीर हो गए हैं। भोटेकोशी नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने से टिमुरे बाजार और रसुवा सीमा नाके के कस्टम क्षेत्र में भारी नुकसान हुआ है। हादसे में अब तक 8 लोगों की मौत की जानकारी है, जबकि 300 से अधिक पर्यटकों और पदयात्रियों के लापता होने की खबर है। इनमें 105 भारतीय पर्यटक भी शामिल बताए जा रहे हैं।
15 हेलीकॉप्टरों से रेस्क्यू ऑपरेशन
बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव अभियान तेज कर दिया गया है। नेपाल सेना समेत विभिन्न एजेंसियों के 15 हेलीकॉप्टर रेस्क्यू ऑपरेशन में लगाए गए हैं। इनमें 7 नेपाली सेना और 8 अन्य एजेंसियों के हेलीकॉप्टर शामिल हैं।
नेपाल सेना के मुताबिक, बुसी और तुसु समेत प्रभावित क्षेत्रों से अब तक 25 लोगों को सुरक्षित निकाला गया है। घायलों के इलाज के लिए मछली ट्रेनिंग कैंप में मेडिकल सेंटर भी बनाया गया है।
384 यात्रियों के लापता होने की जानकारी
पर्यटन बोर्ड और ट्रैवल कंपनियों से मिले शुरुआती रिकॉर्ड के अनुसार, प्रभावित इलाकों से 384 यात्रियों के लापता होने की जानकारी मिली है। इनमें 291 विदेशी और 93 नेपाली नागरिक बताए जा रहे हैं। आंकड़ों का सत्यापन ट्रैवल एजेंसियों, स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों के साथ किया जा रहा है।
बाढ़ के तेज बहाव में कई वाहन बह गए हैं और 13 जलविद्युत परियोजनाएं भी प्रभावित हुई हैं। पर्यटक पुलिस, स्थानीय प्रशासन, सुरक्षा एजेंसियां और ट्रेकिंग गाइड लापता लोगों की तलाश में जुटे हैं। विदेशी लापता लोगों में भारतीयों के अलावा ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका, ब्रिटेन, मलेशिया, नीदरलैंड्स और दक्षिण अफ्रीका के नागरिक भी शामिल बताए गए हैं।

