Close Menu
कोयलाचंल संवाद

    Subscribe to Updates

    Get the latest creative news from FooBar about art, design and business.

    What's Hot

    बिहार में कूरियर से भेजी जा रहीं नकली-नशीली दवाएं, पटना की 12 कंपनियां ड्रग विभाग के रडार पर

    October 26, 2026

    झारखंड के स्कूलों में लागू हो सकता है राष्ट्रीय आपदा सुरक्षा ढांचा, CPR ट्रेनिंग से मॉक ड्रिल तक की तैयारी!

    October 26, 2026

    अनंत सिंह को JDU ने पार्टी से 6 साल के लिए निकाला, विधानसभा की सदस्यता रद्द करने की भी सिफारिश

    October 24, 2026
    Facebook X (Twitter) Instagram
    • E-Paper
    • ताजा हिंदी खबरें
    • झारखंड
    • रांची
    Facebook X (Twitter) Instagram
    कोयलाचंल संवादकोयलाचंल संवाद
    Subscribe
    • कोयलांचल संवाद
    • झारखण्ड
    • बिहार
    • राष्ट्रीय
    • बिज़नेस
    • नौकरी
    • मनोरंजन
    • अंतरराष्ट्रीय
    • खेल
    • E-Paper
      • E-paper Dhanbad
      • E-Paper Ranchi
    कोयलाचंल संवाद
    Home»Breaking News»झारखंड में नक्सलवाद खत्म, लेकिन जंगलों में अब भी मौत का जाल; हथियारों और विस्फोटकों की तलाश में जुटे सुरक्षाबल
    Breaking News

    झारखंड में नक्सलवाद खत्म, लेकिन जंगलों में अब भी मौत का जाल; हथियारों और विस्फोटकों की तलाश में जुटे सुरक्षाबल

    AdminBy AdminOctober 17, 2026No Comments3 Mins Read
    WhatsApp Facebook Twitter Copy Link Pinterest Email
    Share
    WhatsApp Facebook Twitter Copy Link Pinterest Email

    झारखंड से नक्सलवाद के खिलाफ केंद्र सरकार की मुहिम लगभग समाप्त हो गई है। इस अभियान के तहत मार्च 2026 में राज्य से नक्सलियों का सफाया कर दिया गया है। बावजूद इसके आज भी जंगलों से खतरा कम नहीं हुआ है। नक्सल प्रभावित रहे जंगलों में आज भी मौत का खौफनाक जाल बिछा हुआ है। जहां कदम कदम पर खतरा बरकरार है।

    हथियारों का जखीरा बरामद

    अब इस खतरे से निपटने की मुहिम सुरक्षा बलों ने शुरू कर दी है। पर जंगलों में छिपाए गए हथियार, गोला-बारूद और विस्फोटक अब भी सुरक्षाबलों के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है। सुरक्षा बलों के इस सर्च अभियान में कहीं केन बम मिल रहे हैं, तो कहीं SLR, कार्बाइन और राइफल जैसे हथियारों का जखीरा बरामद हो रहे हैं। सुरक्षा बलों की इस खास मुहिम का एक ही मकसद है जंगल की जमीन से मौत के सामनों को निकाल कर स्वच्छ और सुरक्षित बनाना, ताकि किसी आम लोगों और यहां तक जंगली जानवर भी गलती से इसका शिकार न बने।

    नक्सलियों के इनपुट पर छापेमारी

    अभी हाल के दिनों में पुलिस की गिरफ्त में आए नक्सलियों और आत्मसमर्पण कर चुके नक्सलियों से पूछताछ में मिले इनपुट और खुफिया सूचनाओं के आधार पर जंगलों में हथियारों के संभावित ठिकानों की पहचान की जा रही है। जरूरत पड़ने पर पुलिस निशानदेही पर संबंधित इलाकों में भी ले जा रही है। सुरक्षाबलों की कोशिश है कि जंगलों में छिपाकर रखे गए हथियारों और विस्फोटकों को सही सलामत बरामद कर भविष्य में उनके दुरुपयोग की आशंका को खत्म किया जाए।

    इसी कर्म में शुक्रवार की अल सुबह पारसनाथ पहाड़ी क्षेत्र में नक्सलियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के दौरान सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल की संयुक्त टीम ने जिख्वाबेड़ा जंगल के पास सर्च ऑपरेशन के दौरान भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री बरामद किया है।

    विभिन्न जंगलों से हथियार बरामद

    बरामद सामग्री में करीब पांच किलोग्राम का एक केन बम और ग्रेनेड बनाने में इस्तेमाल होने वाले लोहे के 38 अर्धनिर्मित शेल शामिल हैं। अभी अभियान जारी है। संभावना है कि और बड़ी कामयाबी सुरक्षा बलों को मिलेगी। इधर सरायकेला-खरसावां जिले के कुचाई थाना क्षेत्र के बुरूहातू जंगल में सशस्त्र सीमा बल और झारखंड पुलिस के संयुक्त सर्च ऑपरेशन के दौरान छह घातक हथियार बरामद किए जाने की सूचना मिली है। बरामद हथियारों में एक 7.62 एमएम SLR, एक 9 एमएम कार्बाइन, एक रिवॉल्वर और तीन .303 राइफल शामिल हैं। जबकि कभी माओवादियों का प्रमुख ठिकाना रहे गढ़वा के बूढ़ा पहाड़ की तलहटी में स्थित तुरेर गांव के समीप जंगल से सुरक्षाबलों ने दो गैस सिलेंडर बरामद किए हैं।

    सूचना मिलने के बाद सीआरपीएफ और बड़गड़ थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने वरीय अधिकारियों के निर्देश पर जंगल में छापेमारी अभियान चलाया। इसी दौरान दोनों गैस सिलेंडर बरामद हुए। यह अभियान अभी जारी रखने की बात कही जा रही है। यह अभियान तब तक जारी रहेगा जब तक जंगल पूर्ण रूप से सुरक्षित न हो जाए।

    Share. WhatsApp Facebook Twitter Email Copy Link
    Admin

    Related Posts

    बिहार में कूरियर से भेजी जा रहीं नकली-नशीली दवाएं, पटना की 12 कंपनियां ड्रग विभाग के रडार पर

    October 26, 2026

    झारखंड के स्कूलों में लागू हो सकता है राष्ट्रीय आपदा सुरक्षा ढांचा, CPR ट्रेनिंग से मॉक ड्रिल तक की तैयारी!

    October 26, 2026

    अनंत सिंह को JDU ने पार्टी से 6 साल के लिए निकाला, विधानसभा की सदस्यता रद्द करने की भी सिफारिश

    October 24, 2026
    Add A Comment
    Leave A Reply Cancel Reply

    Recent Posts
    • बिहार में कूरियर से भेजी जा रहीं नकली-नशीली दवाएं, पटना की 12 कंपनियां ड्रग विभाग के रडार पर
    • झारखंड के स्कूलों में लागू हो सकता है राष्ट्रीय आपदा सुरक्षा ढांचा, CPR ट्रेनिंग से मॉक ड्रिल तक की तैयारी!
    • अनंत सिंह को JDU ने पार्टी से 6 साल के लिए निकाला, विधानसभा की सदस्यता रद्द करने की भी सिफारिश
    • रांची में दिनदहाड़े मर्डर! घर में घुसकर राजस्व कर्मचारी लक्ष्मी नारायण मुंडा की निर्मम हत्या
    • CID का DSP बताकर ठगी करता था बिहार का दारोगा, बैंड बाजा लेकर घर पहुंची पुलिस
    • झारखंड के रहने वाले सुनील कुमार बने ONGC के नए चैयरमैन
    Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest Vimeo YouTube
    • E-Paper
    • Content Policy Guidelines
    • Privacy Policy
    • Terms of Use
    © 2026 Koylanchal Samvad. Designed by Aliancy Technologies.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.