जेएसएससी की सीजीएल परीक्षा रद किए जाने से सरकारी कार्यालयों में हर मोर्चे पर कामकाज रुक गया है। बड़ा कारण यह है कि फाइल आगे बढ़ानेवाले कर्मी ही कार्यरत नहीं हैं। इन कर्मियों के पास जो फाइलें थीं, वे किसी अन्य को प्रभार में भी नहीं दिया गया है। इससे कामकाज आगे बढ़ने का रास्ता बंद हो गया है।
वहीं, अत्यावश्यक होने पर वरीय पदाधिकारी स्वयं फाइलों को बढ़ा रहे हैं। प्रभार विभाग के किसी अन्य कर्मी को नहीं दिया जा सका है। सीजीएल परीक्षा के माध्यम से 847 सहायक प्रशाखा पदाधिकारी, 288 कनीय सचिवालय सहायक, 170 श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी, 191 प्रखंड कल्याण पदाधिकारी, 249 प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी, 178 अंचल निरीक्षक तथा चार प्लानिंग असिस्टेंट नियुक्त हुए थे।
इनमें सहायक प्रशाखा पदाधिकारी और कनीय सचिवालय सहायक के 1,135 कर्मी सचिवालय में पदस्थापित थे। यही पदाधिकारी संचिका तैयार कर आगे बढ़ाते हैं। राज्य में फाइलों का जहां से सृजन होता है और सीनियर अधिकारियों के लिए आगे बढ़ाया जाता है, उन जगहों पर कर्मियों के नहीं होने से पूरा काम काज रुक गया है।

