झारखंड सरकार द्वारा नई दिल्ली में आयोजित दो दिवसीय नेशनल स्टेकहोल्डर्स कंसल्टेशन-2026 के दूसरे दिन आयोजित बिजनेस-टू-गवर्नमेंट (बीटूजी) संवाद के दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने देश-विदेश के प्रमुख उद्योग संगठनों, वैश्विक निवेशकों तथा कारपोरेट प्रतिनिधिमंडलों के साथ कई महत्वपूर्ण बैठकें कीं।
इन बैठकों में पर्यटन, विनिर्माण, हरित ऊर्जा, स्वास्थ्य, कौशल विकास, औद्योगिक अवसंरचना तथा निवेश के विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा हुई।
भारत में सिंगापुर के उच्चायुक्त साइमन वोंग वी कुएन के नेतृत्व में आए प्रतिनिधिमंडल ने झारखंड के साथ दीर्घकालिक साझेदारी स्थापित करने में गहरी रुचि व्यक्त की।
बैठक में निवेश आकर्षित करने, विश्वस्तरीय स्किल सेंटर एवं सेंटर आफ एक्सीलेंस की स्थापना, सिंगापुर के सफल व्यावसायिक प्रशिक्षण मॉडल को अपनाने, उद्योग एवं कौशल मानचित्रण तथा स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान के क्षेत्र में सहयोग पर विस्तृत चर्चा हुई।
प्रतिनिधिमंडल ने चिकित्सा शिक्षा, अनुसंधान, अस्पताल अवसंरचना और प्रतिष्ठित स्वास्थ्य संस्थानों के साथ साझेदारी की संभावनाओं पर भी विचार साझा किए।
साथ ही राज्य के उद्योगों, कार्यबल एवं कौशल आवश्यकताओं का व्यापक मानचित्रण कर प्राथमिकता वाले क्षेत्रों की पहचान करने तथा निवेश एवं क्षमता निर्माण के लिए एक लक्षित रोडमैप तैयार करने का प्रस्ताव दिया।
मुख्यमंत्री ने इन सुझावों का स्वागत करते हुए भविष्य की साझेदारी के लिए एक सुव्यवस्थित कार्ययोजना तैयार करने का भरोसा दिया।
भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआइआई) के प्रतिनिधिमंडल ने झारखंड में सौर एवं पवन ऊर्जा, स्मार्ट मीटरिंग, ट्रांसमिशन अवसंरचना, ग्रिड आधुनिकीकरण, सोलर सेल एवं मॉड्यूल निर्माण तथा डिजिटल ऊर्जा प्रबंधन के क्षेत्र में निवेश संबंधी प्रस्ताव प्रस्तुत किए।
मुख्यमंत्री ने इन प्रस्तावों की सराहना करते हुए राज्य में हरित ऊर्जा आधारित औद्योगिक विकास को गति देने के लिए निरंतर संवाद एवं सहयोग का आश्वासन दिया।
फिक्की के प्रतिनिधिमंडल ने झारखंड को प्रकृति पर्यटन, डेस्टिनेशन वेडिंग, स्पोर्ट्स टूरिज्म तथा एमआइसीई पर्यटन का प्रमुख केंद्र बनाने के लिए पर्यटन अवसंरचना, डेस्टिनेशन मैनेजमेंट, प्रशिक्षित स्थानीय पर्यटक गाइड, आतिथ्य क्षेत्र में सुधार तथा बेहतर संपर्क व्यवस्था विकसित करने के सुझाव दिए।

