झारखंड में जेपीएससी-जेएसएससी की नौकरियों में कथित घोटाले को लेकर छात्र आंदोलन और केंद्र सरकार द्वारा एमएमडीआर बिल में किए गए संशोधन के विरोध में सत्ताधारी झारखंड मुक्ति मोर्चा के विरोध के बीच Union Home Minister Amit Shah ने बुधवार को नई दिल्ली में झारखंड भाजपा के नेताओं के साथ उच्चस्तरीय बैठक की। इस बैठक को झारखंड भाजपा के लिए काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
बैठक में राज्य की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों और आने वाले दिनों में पार्टी की रणनीति को लेकर विचार-विमर्श हुआ। गृह मंत्री ने प्रदेश भाजपा नेताओं को आवश्यक दिशा-निर्देश और मार्गदर्शन दिया। उन्होंने सत्ताधारी झामुमो-कांग्रेस-राजद गठबंधन के खिलाफ आक्रामक राजनीति पर जोर दिया।
अमित शाह से मिले झारखंड भाजपा के टॉप-8 नेता
सूत्रों के अनुसार प्रदेश भाजपा अध्यक्ष प्रो. आदित्य साहू ने मिलने वाले नेताओं की सूची में 24 नाम भेजे थे। इनमें से अमित शाह ने आठ नेताओं के नाम को स्वीकृति दी। इनमें प्रदेश भाजपा अध्यक्ष आदित्य साहू, नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी, पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा, रघुवर दास, चंपाई सोरेन, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र राय, दीपक प्रकाश और संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह शामिल थे।
बैठक में किन-किन विषयों पर हुई चर्चा
बैठक में चर्चा के विषयों के बाबत झारखंड भाजपा की ओर से जारी प्रेस बयान में विस्तृत जानकारी नहीं दी गई है। बयान में सिर्फ इतना कहा गया कि भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू एवं नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी के नेतृत्व में झारखंड भाजपा के एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने नई दिल्ली में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह से मुलाकात की।
डिफेंसिव नहीं आक्रामक राजनीति पर जोर
सूत्रों के अनुसार, अमित शाह ने भाजपा नेताओं को डिफेंसिव राजनीति के बजाय आक्रामक राजनीति करने पर जोर दिया। बैठक में छात्र आंदोलन, एमएमडीआर कानून में संशोधन, प्रस्तावित एफसीआरए बिल और एसआईआर समेत कई मुद्दों पर चर्चा हुई। भाजपा नेताओं को निर्देश दिया गया कि वे एमएमडीआर कानून में संशोधन को लेकर जनता के बीच जाकर पार्टी का पक्ष रखें।

