खूंटी से जमशेदपुर जाने के क्रम में शुक्रवार को एनएच-33 स्थित चौका के समीप पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा के सुरक्षा काफिले (कारकेड) में शामिल एक वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो गया। घटना में अर्जुन मुंडा बाल-बाल बच गए। उन्होंने कहा कि दुर्घटना में उन्हें और सुरक्षा में तैनात किसी भी जवान को कोई क्षति नहीं पहुंची। अर्जुन मुंडा ने कहा कि अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और चिंताजनक विषय है कि राज्य सरकार द्वारा सुरक्षा व्यवस्था के लिए उपलब्ध कराए जा रहे वाहनों की स्थिति बेहद खराब है। यह केवल उनकी सुरक्षा का विषय नहीं, बल्कि दिन-रात अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने वाले सुरक्षाकर्मियों के जीवन से भी जुड़ा गंभीर मामला है।
वाहनों की खराब स्थिति पर पहले भी जताई चिंता
कई बार किया गया पत्राचार, पर कार्रवाई
अर्जुन मुंडा ने कहा कि कार्यालय द्वारा इस संबंध में बार-बार संबंधित अधिकारियों को पत्र लिखकर वाहनों की जर्जर स्थिति, बार-बार उत्पन्न होने वाली तकनीकी खराबियों तथा सुरक्षा पर पड़ रहे प्रभाव से अवगत कराया गया है। इसके बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ है। केवल सामान्य मरम्मत कर वाहनों को पुनः भेज दिया जाता है और कुछ ही समय बाद वही तकनीकी समस्याएं फिर सामने आने लगती हैं। साथ ही आज तक सुरक्षा हेतु कोई भी समीक्षा भी विभाग के द्वारा नहीं की गयी, जो घोर लापरवाही है।
काफिले में पुराने और जर्जर वाहन
अर्जुन मुंडा ने कहा कि हैरानी की बात है कि अत्यंत पुराने और जर्जर वाहन भी सुरक्षा काफिले में इस्तेमाल किए जा रहे हैं। वाहनों पर सायरन और झंडे जैसी पहचान की व्यवस्था नहीं होने से अन्य वाहन चालकों को सुरक्षा काफिले का पता नहीं चल पाता और कई बार दूसरी गाड़ियां कारकेड के बीच में घुस जाती हैं। इससे सुरक्षा व्यवस्था और भी प्रभावित होती है।

