झारखंड हाई कोर्ट में राज्य के ओपन जेलों में सुविधाएं उपलब्ध कराने और उनकी निगरानी से जुड़े स्वतः संज्ञान मामले पर गुरुवार को सुनवाई हुई। अदालत में सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने बड़ा अपडेट देते हुए बताया कि रांची, हजारीबाग, दुमका और जमशेदपुर सेंट्रल जेल में ओपन बैरक का निर्माण कर दिया गया है।
इस संबंध में गृह विभाग की ओर से आधिकारिक अधिसूचना भी जारी कर दी गई है। सरकार की ओर से अदालत को यह भी जानकारी दी गई कि इन ओपन बैरकों के सुचारू संचालन और व्यवस्थाओं को देखने के लिए झारखंड लीगल सर्विस अथॉरिटी (JHALSA) के सहयोग से एक स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) तैयार की जा रही है।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर हो रही है सुनवाई
गौरतलब है कि देश की अदालतों में कैदियों की स्थिति सुधारने और ओपन जेलों की व्यवस्था को बेहतर बनाने को लेकर पूर्व में सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश जारी किया था। सुप्रीम कोर्ट के उसी आदेश के अनुपालन में झारखंड हाई कोर्ट इस जनहित याचिका पर सुनवाई कर रहा है।
राज्य सरकार के जवाब और अब तक उठाए गए कदमों से संतुष्ट होते हुए हाई कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 21 जनवरी की तारीख मुकर्रर की है।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड में स्थायी सदस्य सचिव की नियुक्ति पर भी सुनवाई
हाई कोर्ट में झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड में स्थायी सदस्य सचिव की नियुक्ति की मांग वाली जनहित याचिका पर गुरुवार को सुनवाई हुई। सुनवाई के बाद अदालत ने प्रभारी सदस्य सचिव सहित अन्य को नोटिस जारी किया है। अदालत ने सभी से 20 नवंबर तक जवाब मांगा है। मामले में अगली सुनवाई 23 नवंबर को होगी।

