झारखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया की तारीख बढ़ा दी गई है। भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जारी संशोधित समय-सारिणी के अनुसार, अब 30 नवंबर 2026 को अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन किया जाएगा। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने सभी जिला निर्वाचन पदाधिकारियों को निर्धारित समय-सीमा के अनुसार कार्य सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।संशोधित कार्यक्रम के तहत 22 अक्तूबर तक नो-मैपिंग और लॉजिकल डिस्क्रेपेंसी के नोटिसों का निस्तारण होगा। 24 से 29 नवंबर तक जांच और अनुमति की प्रक्रिया के बाद 30 नवंबर को अंतिम सूची प्रकाशित होगी।
अब तक करीब 7.36 लाख फॉर्म-6 और 4.87 लाख फॉर्म-8 आवेदनों को डिजिटल रूप दिया जा चुका है। ये आवेदन 3 अक्टूबर तक दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की अवधि के दौरान प्राप्त हुए थे। निर्वाचन आयोग ने 43.61 लाख नाम हटाए जाने के बाद पांच अगस्त को झारखंड में मतदाता सूची का मसौदा प्रकाशित किया था। अंतिम मतदाता सूची 19 अक्टूबर को प्रकाशित होने वाली थी, जो अब बढ़कर 30 नवंबर कर दी गई है। SIR शुरू होने से पहले राज्य में 2.64 करोड़ मतदाता थे।
संशोधित कार्यक्रम के अनुसार, नामों के मिलान न होने और तार्किक विसंगतियों के मामलों में जारी किए गए पहले और दूसरे नोटिस के निपटारे की अंतिम तारीख 22 अक्टूबर है, जबकि सभी दावों और आपत्तियों के डिजिटलीकरण का काम 31 अक्टूबर तक पूरा किया जाना है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय की ओर से जारी एक बयान के अनुसार, सभी दावों और आपत्तियों के निपटारे की अंतिम तारीख 23 नवंबर है। निर्वाचन आयोग इससे पहले एसआईआर के तहत मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के खिलाफ दावे और आपत्तियां दाखिल करने की समयसीमा बढ़ाकर 30 सितंबर कर चुका है।
एक अधिकारी ने बताया कि निर्वाचन आयोग 10 अक्टूबर को राज्य के प्रत्येक मतदान केंद्र पर शिविर लगाएगा। इसके अलावा 12 से 16 अक्टूबर तक विशेष जनसंपर्क अभियान चलाया जाएगा, ताकि बेसहारा महिलाएं और दिव्यांगजन समेत पात्र लोगों को मतदाता सूची में नाम जुड़वाने में सहायता मिल सके। निर्वाचन आयोग ने पांच अगस्त को मसौदा मतदाता सूची प्रकाशित की थी, जिसमें 43.61 लाख नाम हटा दिए गए थे। एसआईआर शुरू होने से पहले राज्य में 2.64 करोड़ मतदाता थे।

