राज्य के रिम्स सहित सभी छह मेडिकल कालेजों में डाक्टरों की समय पर उपस्थिति और मरीजों के इलाज की व्यवस्था को लेकर स्वास्थ्य विभाग अब सख्ती करने की तैयारी में है। खासकर सीनियर रेजिडेंट (एसआर) के ड्यूटी आवर में अनुपस्थित रहने की लगातार मिल रही शिकायतों के बाद विभाग ने नई व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया है।
इसके तहत एसआर की फेस बायोमेट्रिक उपस्थिति दिन में दो बार दर्ज कराने की व्यवस्था की जा रही है। साथ ही उनकी साप्ताहिक उपस्थिति की समीक्षा विभाग स्तर पर होगी और उसी के आधार पर वेतन भुगतान की प्रक्रिया को जोड़ा जाएगा।
स्वास्थ्य शिक्षा एवं शोध निदेशक डा. प्रदीप भट्टाचार्य ने बताया कि मेडिकल कालेजों में इस समय सबसे बड़ी समस्या चिकित्सकों के निर्धारित समय पर ड्यूटी पर आने और ड्यूटी अवधि पूरी होने से पहले चले जाने की शिकायत है।
इनमें एसआर को लेकर सबसे अधिक शिकायतें मिल रही हैं। विभाग का उद्देश्य किसी को परेशान करना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि चिकित्सक अपने निर्धारित समय में अस्पताल में मौजूद रहें और मरीजों को समय पर उपचार मिले

