रांची। झारखंड की राजधानी रांची में बारिश के मौसम के बीच बच्चों में लेप्टोस्पायरोसिस (Leptospirosis) यानी रैट फीवर के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। पिछले 25 दिनों में 28 बच्चों में इस संक्रमण की पुष्टि होने के बाद स्वास्थ्य विभाग और चिकित्सकों की चिंता बढ़ गई है। संक्रमित बच्चों में अधिकांश की उम्र 2 से 12 वर्ष के बीच बताई जा रही है। कई बच्चों की हालत गंभीर होने पर उन्हें रिम्स, सदर अस्पताल और निजी अस्पतालों के आईसीयू में भर्ती कराया गया है।
विशेषज्ञों का कहना है कि समय पर बीमारी की पहचान और इलाज नहीं होने पर यह संक्रमण किडनी, लिवर, फेफड़े और मस्तिष्क को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकता है। ऐसे में अभिभावकों से अपील की गई है कि बच्चों में तेज बुखार या अन्य संदिग्ध लक्षण दिखाई देने पर स्वयं दवा देने के बजाय तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
बारिश के मौसम में तेजी से फैल रहा संक्रमण
रांची समेत झारखंड के कई इलाकों में लगातार हो रही बारिश के कारण जलभराव और गंदगी बढ़ गई है। डॉक्टरों के अनुसार यही स्थिति लेप्टोस्पायरोसिस के फैलने के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करती है।
रानी अस्पताल के शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. राजेश ने बताया कि यह संक्रमण मुख्य रूप से संक्रमित चूहों और अन्य जानवरों के मूत्र से फैलता है। जब उनका मूत्र बारिश के पानी या कीचड़ में मिल जाता है और बच्चे उसके संपर्क में आते हैं, तो संक्रमण का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।

