झारखंड सरकार ने विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल गोरों का गांव के नाम से विख्यात मैक्लुस्कीगंज को अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है।
नगर विकास, आवास, पर्यटन, कला-संस्कृति, खेलकूद एवं युवा कार्य विभाग के मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू गुरुवार को मिनी लंदन पहुंचे और डाक बंगला में एंग्लो-इंडियन समुदाय तथा स्थानीय ग्रामीणों के साथ पर्यटन विकास को लेकर विस्तृत बैठक की।
मंत्री का स्वागत अंचलाधिकारी प्रणव अम्बष्ट, खलारी इंस्पेक्टर राम कुमार वर्मा, मैकलुस्कीगंज थाना प्रभारी धनंजय बैठा, पुतुल देवी, पुष्पा खलखो, जितेंद्र नाथ पांडे सहित एंग्लो-इंडियन समुदाय के एशले गोम्स, डेनिश मेरेडिथ, किटी टेक्सरा, नेल्सन पॉल गॉर्डन, लेजली मेरेडिथ, एवं अनिल गंझू ने पुष्पगुच्छ देकर किया।
बैठक में मंत्री ने राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी होमस्टे योजना की जानकारी देते हुए कहा कि पहले चरण में 50 होमस्टे विकसित किए जाएंगे। इच्छुक परिवार अपने घरों के खाली कमरों को आधुनिक सुविधाओं से युक्त होमस्टे के रूप में विकसित कर सकेंगे।
प्रत्येक कमरे के लिए ₹4 लाख तक का ब्याजमुक्त बैंक ऋण मिलेगा। ऋण का पूरा ब्याज राज्य सरकार वहन करेगी, जबकि लाभुकों को केवल मूल राशि आसान किस्तों में चुकानी होगी। समय पर भुगतान करने पर सब्सिडी का भी लाभ मिलेगा।
उन्होंने बताया कि योजना के तहत गोल्ड श्रेणी में चार तथा डायमंड श्रेणी में छह कमरों तक के होमस्टे बनाए जा सकेंगे। सभी चयनित होमस्टे को झारखंड पर्यटन की वेबसाइट पर सूचीबद्ध किया जाएगा, जिससे देश-विदेश के पर्यटकों तक उनकी सीधी पहुंच बनेगी।

