Close Menu
कोयलाचंल संवाद

    Subscribe to Updates

    Get the latest creative news from FooBar about art, design and business.

    What's Hot

    धनबाद के मुनीडीह कोल वाशरी हादसा: स्लरी में दबकर तीन मजदूरों की मौत, कई के फंसे होने की आशंका

    May 2, 2026

    हजारीबाग ट्रिपल डेथ मिस्ट्री: भाई और दो बहनों की मौत पर SIT गठित, जांच तेज

    May 2, 2026

    रांची के 7 साल के नन्हे तैराक ने बनाया वर्ल्ड रिकॉर्ड, 9 घंटे 50 मिनट में 29 किलोमीटर तैर कर जीत लिया समंदर

    May 2, 2026
    Facebook X (Twitter) Instagram
    • E-Paper
    • ताजा हिंदी खबरें
    • झारखंड
    • रांची
    Facebook X (Twitter) Instagram
    कोयलाचंल संवादकोयलाचंल संवाद
    Subscribe
    • कोयलांचल संवाद
    • झारखण्ड
    • बिहार
    • राष्ट्रीय
    • बिज़नेस
    • नौकरी
    • मनोरंजन
    • अंतरराष्ट्रीय
    • खेल
    • E-Paper
      • E-paper Dhanbad
      • E-Paper Ranchi
    कोयलाचंल संवाद
    Home»Breaking News»उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ का न्यायपालिका पर उठाये सवाल, बोले- कोर्ट राष्ट्रपति को आदेश नहीं दे सकती
    Breaking News

    उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ का न्यायपालिका पर उठाये सवाल, बोले- कोर्ट राष्ट्रपति को आदेश नहीं दे सकती

    AdminBy AdminApril 17, 2025No Comments2 Mins Read
    WhatsApp Facebook Twitter Copy Link Pinterest Email
    Share
    WhatsApp Facebook Twitter Copy Link Pinterest Email

    उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने सुप्रीम कोर्ट के एक हालिया आदेश पर चिंता जाहिर करते हुए कहा कि भारत में ऐसे लोकतंत्र की कल्पना नहीं की थी, जहां न्यायाधीश कानून बनाएंगे और कार्यकारी जिम्मेदारी निभाएंगे और ‘सुपर संसद’ के रूप में काम करेंगे। उपराष्ट्रपति ने सुप्रीम कोर्ट के उस आदेश का जिक्र किया, जिसमें राष्ट्रपति को तीन महीने के भीतर विधेयक पर फैसला लेने की समयसीमा तय की गई है। उपराष्ट्रपति ने कहा कि ऐसा पहली बार हुआ है, जब राष्ट्रपति को तय समय में फैसला लेने को कहा जा रहा है।

    जज सुपर संसद की तरह काम करेंगे’

    राज्यसभा के प्रशिक्षुओं के एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि ‘एक हालिया फैसले में राष्ट्रपति को निर्देश दिया गया है। हम कहां जा रहे हैं? देश में क्या हो रहा है? हमें इसे लेकर बेहद संवेदनशील होने की जरूरत है। हमने इस दिन की कल्पना नहीं की थी, जहां राष्ट्रपति को तय समय में फैसला लेने के लिए कहा जाएगा और अगर वे फैसला नहीं लेंगे तो कानून बन जाएगा।’ उपराष्ट्रपति ने कहा कि ‘अब जज विधायी चीजों पर फैसला करेंगे। वे ही कार्यकारी जिम्मेदारी निभाएंगे और सुपर संसद के रूप में काम करेंगे। उनकी कोई जवाबदेही भी नहीं होगी क्योंकि इस देश का कानून उन पर लागू ही नहीं होता।’

    ‘ऐसे दिन की कल्पना नहीं की थी’ 
    धनखड़ ने हालात पर चिंता जाहिर करते हुए कहा कि ‘अपने जीवन में मैंने ऐसे दिन की कल्पना नहीं की थी।’ उन्होंने कहा कि ‘राष्ट्रपति देश का सबसे सर्वोच्च पद है। राष्ट्रपति संविधान की सुरक्षा की शपथ लेते हैं। जबकि सांसद, मंत्री, उपराष्ट्रपति और जजों को संविधान का पालन करना होता है। हम ऐसी स्थिति नहीं चाहते, जहां राष्ट्रपति को निर्देश दिए जाएं। आपको सिर्फ संविधान के अनुच्छेद 145 (3) के तहत संविधान की व्याख्या का अधिकार है और वह भी पांच या उससे ज्यादा जजों की संविधान पीठ ही कर सकती है।

    Share. WhatsApp Facebook Twitter Email Copy Link
    Admin

    Related Posts

    धनबाद के मुनीडीह कोल वाशरी हादसा: स्लरी में दबकर तीन मजदूरों की मौत, कई के फंसे होने की आशंका

    May 2, 2026

    हजारीबाग ट्रिपल डेथ मिस्ट्री: भाई और दो बहनों की मौत पर SIT गठित, जांच तेज

    May 2, 2026

    रांची के 7 साल के नन्हे तैराक ने बनाया वर्ल्ड रिकॉर्ड, 9 घंटे 50 मिनट में 29 किलोमीटर तैर कर जीत लिया समंदर

    May 2, 2026
    Add A Comment

    Comments are closed.

    Recent Posts
    • धनबाद के मुनीडीह कोल वाशरी हादसा: स्लरी में दबकर तीन मजदूरों की मौत, कई के फंसे होने की आशंका
    • हजारीबाग ट्रिपल डेथ मिस्ट्री: भाई और दो बहनों की मौत पर SIT गठित, जांच तेज
    • रांची के 7 साल के नन्हे तैराक ने बनाया वर्ल्ड रिकॉर्ड, 9 घंटे 50 मिनट में 29 किलोमीटर तैर कर जीत लिया समंदर
    • मोबाइल पर तेज सायरन अलर्ट से न घबराएं: 2 मई को देशभर में आपदा चेतावनी सिस्टम की बड़ी टेस्टिंग
    • रांची राज्यसभा चुनाव: INDIA गठबंधन में सीटों को लेकर टकराव, JMM-कांग्रेस आमने-सामने
    • झारखंड में जनगणना-2027 की शुरुआत, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने किया स्व-गणना
    Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest Vimeo YouTube
    • E-Paper
    • Content Policy Guidelines
    • Privacy Policy
    • Terms of Use
    © 2026 Koylanchal Samvad. Designed by Aliancy Technologies.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.