पटना: राष्ट्रीय जनता दल (राजद) सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे और पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव के सरकारी आवास में कथित चोरी के मामले ने अब नया और गंभीर मोड़ ले लिया है। पहले जहां यह मामला करोड़ों की संपत्ति और नकदी चोरी के आरोपों तक सीमित था, वहीं अब केस के गवाह के परिवार को कथित तौर पर धमकी दिए जाने का मामला सामने आया है। इस घटनाक्रम के बाद पूरे मामले की संवेदनशीलता और बढ़ गई है।
गवाह बताए जा रहे तेज प्रताप यादव के ड्राइवर अनिल कुमार के परिवार ने आरोप लगाया है कि उन्हें केस में गवाही नहीं देने के लिए धमकाया गया। इस संबंध में पटना के गर्दनीबाग थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराई गई है। वहीं दूसरी ओर, मामले के मुख्य आरोपित बनाए गए पूर्व निजी सहायक (पीए) मोतीलाल राय की पत्नी ने भी अपने पति की सुरक्षा को लेकर चिंता जताते हुए पुलिस से गुहार लगाई है।
अब एक ही मामले में दोनों पक्षों की ओर से अलग-अलग आरोप और शिकायतें सामने आने के बाद पुलिस पर निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की जिम्मेदारी और बढ़ गई है।
क्या है पूरा मामला?
कुछ दिन पहले तेज प्रताप यादव ने अपने सरकारी आवास से करीब 20 लाख रुपये नकद और अन्य कीमती सामान चोरी होने का आरोप लगाते हुए सचिवालय थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई थी।
एफआईआर में उन्होंने अपने पूर्व निजी सहायक (पीए) मोतीलाल राय को मुख्य आरोपित बनाया। शिकायत के अनुसार, मोतीलाल राय पर नकदी और अन्य सामान लेकर फरार होने का आरोप लगाया गया।
तेज प्रताप यादव ने पुलिस को बताया था कि उनके ड्राइवर अनिल कुमार और एक अन्य सहयोगी ने मोतीलाल राय को सामान लेकर जाते हुए देखा था। इसी वजह से अनिल कुमार इस मामले के महत्वपूर्ण गवाह माने जा रहे हैं।
गवाह के परिवार ने लगाया धमकी का आरोप
मामले में नया मोड़ तब आया जब ड्राइवर अनिल कुमार की पत्नी रंजू देवी ने गर्दनीबाग थाना में शिकायत दर्ज कराई।
रंजू देवी के अनुसार, घटना वाले दिन उनके पति तेज प्रताप यादव के सरकारी आवास पर गए हुए थे और वह घर पर अकेली थीं। इसी दौरान कथित रूप से आरोपित मोतीलाल राय की पत्नी प्रीती भारती, उनकी साली कोमल और ससुर भूषण राय उनके घर पहुंचे।
रंजू देवी ने बताया कि वह इन लोगों को पहले से जानती थीं, इसलिए उन्होंने उन्हें घर के अंदर बैठाया। लेकिन बातचीत के दौरान कथित तौर पर उन पर दबाव बनाया गया कि उनके पति अदालत या पुलिस के सामने इस मामले में गवाही न दें।
“गवाही दी तो पूरे परिवार को उठवा लेंगे”
रंजू देवी ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि बातचीत के दौरान उन्हें धमकी दी गई कि यदि उनके पति अनिल कुमार ने इस मामले में गवाही दी तो “आकाश को बोलकर पूरे परिवार को उठवा लिया जाएगा।”
इस कथित धमकी के बाद परिवार खुद को असुरक्षित महसूस कर रहा है। शिकायत में कहा गया है कि उन्हें किसी भी समय नुकसान पहुंचाया जा सकता है।
हालांकि इन आरोपों की अभी पुलिस द्वारा पुष्टि नहीं की गई है। पुलिस शिकायत के आधार पर पूरे मामले की जांच कर रही है।
ड्राइवर ने भी मांगी सुरक्षा
गवाह बताए जा रहे अनिल कुमार ने भी पुलिस प्रशासन से अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
उन्होंने कहा कि यदि उन्हें किसी प्रकार का नुकसान पहुंचता है तो इसकी जिम्मेदारी धमकी देने वालों की होगी। उनका कहना है कि वे कानून के अनुसार जांच एजेंसियों का सहयोग करना चाहते हैं, लेकिन परिवार की सुरक्षा भी उनके लिए उतनी ही महत्वपूर्ण है।

