नई दिल्ली : भारत निर्वाचन आयोग (EC) ने देश के 12 राज्यों में राज्यसभा की 26 सीटों पर चुनाव कराने की घोषणा कर दी है। आयोग के मुताबिक इन सीटों के लिए मतदान 18 जून को कराया जाएगा। चुनावी कार्यक्रम जारी होते ही राजनीतिक दलों ने अपनी रणनीति बनानी शुरू कर दी है।
राज्यसभा की जिन सीटों पर चुनाव होने जा रहे हैं, उनमें कई वरिष्ठ नेताओं का कार्यकाल समाप्त हो रहा है। ऐसे में यह चुनाव राजनीतिक दृष्टि से काफी अहम माना जा रहा है। खासकर उन राज्यों में जहां विधानसभा में संख्या बल को लेकर मुकाबला दिलचस्प है, वहां राजनीतिक हलचल तेज हो गई है।
18 जून को मतदान, उसी दिन आएंगे नतीजे
निर्वाचन आयोग द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार, नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया जल्द शुरू होगी। नामांकन पत्रों की जांच और नाम वापसी की अंतिम तिथि के बाद 18 जून को मतदान कराया जाएगा। मतदान समाप्त होने के बाद उसी दिन मतगणना भी होगी और परिणाम घोषित कर दिए जाएंगे।
राज्यसभा चुनाव में संबंधित राज्यों के विधायक मतदान करते हैं। ऐसे में विधानसभा में जिस पार्टी या गठबंधन का संख्या बल अधिक होता है, उसके उम्मीदवार की जीत की संभावना मजबूत मानी जाती है।
कई राज्यों में मुकाबला होगा दिलचस्प
इन चुनावों में उन राज्यों पर सबसे ज्यादा नजर रहेगी जहां राजनीतिक समीकरण लगातार बदल रहे हैं। कई राज्यों में विपक्ष और सत्ताधारी दल के बीच सीधा मुकाबला देखने को मिल सकता है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह चुनाव आगामी विधानसभा और लोकसभा चुनावों से पहले दलों की ताकत और रणनीति का संकेत भी देगा। कई पार्टियां नए चेहरों को राज्यसभा भेजने की तैयारी में हैं, जबकि कुछ वरिष्ठ नेताओं की वापसी भी चर्चा में है।
राज्यसभा का क्या है महत्व?
राज्यसभा संसद का उच्च सदन है, जहां सदस्य राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों का प्रतिनिधित्व करते हैं। राज्यसभा के सदस्यों का कार्यकाल छह वर्ष का होता है और हर दो वर्ष में एक-तिहाई सदस्य रिटायर होते हैं। इन्हीं खाली होने वाली सीटों पर चुनाव कराया जाता है।
राज्यसभा में बहुमत किसी भी सरकार के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि कई अहम विधेयकों को पास कराने में उच्च सदन की भूमिका निर्णायक होती है।
राजनीतिक दलों ने शुरू की तैयारी
चुनाव की घोषणा के बाद राजनीतिक दलों ने संभावित उम्मीदवारों के नामों पर मंथन शुरू कर दिया है। कई राज्यों में सहयोगी दलों के बीच सीट शेयरिंग और समर्थन को लेकर भी बातचीत तेज हो गई है।
आने वाले दिनों में उम्मीदवारों की सूची जारी होने के साथ राजनीतिक गतिविधियां और तेज होने की संभावना है।



