प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज कैबिनेट की बैठक में सिर्फ चार गाडि़यों के काफिले से पहुंचे हैं. हाल ही में पीएम मोदी ने लोगों से पेट्रोल और डीजल बचाने की अपील की थी. पीएम मोदी ने अब अपना काफिला भी घटा दिया है. ईरान युद्ध के कारण दुनियाभर में उभरे ऊर्जा संकट को देखते हुए पीएम मोदी ने देशवासियों से कई अपील की हैं. पीएम मोदी की अपील के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी अपना काफिला घटा दिया है. अमित शाह ने अपना काफिला आधे से भी कम कर दिया गया है. वह कैबिनेट मीटिंग में सिर्फ 4 कार के साथ पहुंचे हैं.
ऐसा होता है प्रधानमंत्री मोदी का काफिला
- भारत के प्रधानमंत्री के काफिले में सामान्य स्थिति में 12-15 गाड़ियां होती हैं.
- प्रधानमंत्री मोदी की BMW पर AK-47, हैंड ग्रेनेड का असर भी नहीं होता है. टायर पंचर होने पर भी 90 किमी/घंटा की स्पीड से 320 किमी चल सकती है.
- पीएम के काफिले को दिल्ली पुलिस की कार लीड करती है और रास्ता क्लियर करती है, ट्रैफिक कंट्रोल करने का भी जिम्मा इन पर होता है.
- SPG की पायलट कार भी पीएम के काफिले के साथ चल खतरे की एडवांस स्कैनिंग करती है.
- प्रधानमंत्री के काफिले के साथ जैमर कार भी होती है. जैमर कार के ऊपर लगे एंटीना से सड़क के दोनों तरफ 100 मीटर तक IED/रिमोट बम को डिफ्यूज कर सकती है.
- PM की कार जैसी डमी कारें भी काफिले के साथ चलती हैं, जो किसी भी हमले को भ्रमित करने के लिए चलाई जाती हैं.
- मर्सिडीज बेंज एंबुलेंस भी पीएम के काफिले के साथ चलती हैं. ये किसी भी मेडिकल इमरजेंसी के लिए PM मोदी के साथ चलती हैं.
- प्रधानमंत्री की सुरक्षा में रहने वाली NSG कमांडो की गाड़ियां भी काफिले के साथ चलती हैं.

