रांची: Ranchi में आयोजित राज्य स्तरीय राउंड टेबल कांफ्रेंस में झारखंड सरकार ने पेसा (PESA) नियमावली को जमीनी स्तर पर लागू करने की दिशा में बड़ा फैसला लिया है। अब राज्य में पेसा कोर्डिनेशन कमेटी का गठन राज्य से लेकर प्रखंड स्तर तक किया जाएगा, ताकि इसकी निगरानी और समस्याओं का समय पर समाधान हो सके।
क्या है सरकार की योजना?
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री Deepika Pandey Singh ने कहा कि:
- पेसा नियमावली को सिर्फ कागजों तक सीमित नहीं रखा जाएगा
- इसे धरातल पर प्रभावी तरीके से लागू किया जाएगा
- प्रखंड स्तर तक कमेटी बनाकर लगातार समीक्षा की जाएगी
महिलाओं को मिलेगा मजबूत अधिकार
सरकार ने ग्राम सभा में महिलाओं की भागीदारी को मजबूत करने के लिए:
- सहायक सचिव पद पर महिलाओं को प्राथमिकता देने का फैसला लिया है
- इससे “आधी आबादी” को निर्णय लेने में अधिक अधिकार मिलेगा
आदिवासी क्षेत्रों के लिए अहम कदम
पेसा नियमावली:
- अनुसूचित (आदिवासी) क्षेत्रों में स्वशासन को मजबूत करती है
- स्थानीय लोगों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक बनाती है
राउंड टेबल में क्या कहा गया?
कार्यक्रम में मौजूद K. Raju ने कहा:
- झारखंड की पेसा नियमावली देश की सबसे बेहतर नीतियों में से एक है
- इसे सही तरीके से लागू करना सबसे बड़ी चुनौती है
सभी विभागों की होगी भूमिका
- पेसा सिर्फ पंचायती राज विभाग तक सीमित नहीं रहेगा
- अन्य विभागों की भी इसमें महत्वपूर्ण भागीदारी होगी
- उद्देश्य है सत्ता का विकेंद्रीकरण (decentralization)
गांव-गांव तक पहुंचेगी जानकारी
- विभाग पेसा नियमावली को स्थानीय भाषाओं में उपलब्ध करा रहा है
- ताकि ग्रामीण अपने अधिकारों को बेहतर तरीके से समझ सकें
बदलाव की दिशा में बड़ा कदम
अधिकारियों के अनुसार:
- यह नियमावली गांवों के विकास और अधिकारों की रक्षा में मील का पत्थर साबित होगी
- अनुसूचित क्षेत्रों में लोगों को सशक्त बनाने की दिशा में यह बड़ा कदम है

