झारखंड के सभी अस्पतालों में अब इलाज और जांच से जुड़ी दरों का रेट चार्ट लगाना अनिवार्य कर दिया गया है। यह फैसला मरीजों के हित में एक जरूरी कदम माना जा रहा है। लंबे समय से निजी अस्पतालों में इलाज और जांच के नाम पर मनमानी वसूली की शिकायतें सामने आती रही हैं।
राजधानी राॅंची में भी कई निजी अस्पतालों पर मरीजों से अधिक पैसे वसूलने के आरोप लगते रहे हैं। आरोप है कि कई बार मरीजों और उनके परिजनों को जांच के खर्च की सही जानकारी तक नहीं दी जाती। यहां तक कि खून की जांच के नाम पर 30 हजार रुपये तक वसूले जाने के मामले भी चर्चा में रहे हैं।
ऐसे में अस्पतालों में रेट चार्ट लगाने से मरीजों को इलाज और जांच का खर्च पहले से पता चल सकेगा। हालांकि, केवल रेट चार्ट लगाना ही पर्याप्त नहीं होगा। प्रशासन को यह भी सुनिश्चित करना होगा कि अस्पताल निर्धारित दरों का पालन करें और मरीजों से किसी तरह की अवैध वसूली न हो।

