हजारीबाग: झारखंड के हजारीबाग शहर में रविवार देर रात एक दर्दनाक सड़क हादसे ने लोगों को झकझोर कर रख दिया। शहर के मिशन अस्पताल के समीप तेज रफ्तार से आ रही एक बेकाबू कार ने सड़क किनारे खड़े और गुजर रहे कई लोगों को अपनी चपेट में ले लिया। लोगों को टक्कर मारने के बाद कार बिजली के पोल और चापाकल से जा टकराई। हादसा इतना भीषण था कि कार का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।
इस दुर्घटना में आधा दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए, जबकि कार चालक भी गंभीर रूप से घायल हुआ है। सभी घायलों को स्थानीय लोगों की मदद से तत्काल शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (SBMC&H) पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और लोगों की भारी भीड़ घटनास्थल पर जमा हो गई।
देर रात मिशन अस्पताल के पास हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार, यह हादसा रविवार देर रात मिशन अस्पताल के समीप हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक कार काफी तेज रफ्तार में थी और अचानक चालक वाहन पर नियंत्रण खो बैठा। नियंत्रण बिगड़ते ही कार सड़क किनारे मौजूद लोगों को टक्कर मारते हुए आगे बढ़ी और अंत में बिजली के पोल तथा चापाकल से जा भिड़ी।
टक्कर की आवाज इतनी तेज थी कि आसपास के लोग तुरंत घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े। स्थानीय लोगों ने बिना देर किए राहत और बचाव कार्य शुरू किया तथा घायलों को कार के आसपास से निकालकर अस्पताल पहुंचाने में मदद की।
कई लोग घायल, चालक भी गंभीर
दुर्घटना में घायल लोगों की संख्या आधा दर्जन से अधिक बताई जा रही है। सभी घायलों को इलाज के लिए शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल भेजा गया है।
कार चालक भी इस हादसे में गंभीर रूप से घायल हुआ है और उसका भी अस्पताल में इलाज चल रहा है। फिलहाल सभी घायलों की पहचान और उनकी स्वास्थ्य स्थिति के संबंध में पुलिस जानकारी जुटा रही है।
अस्पताल प्रशासन के अनुसार कुछ घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद निगरानी में रखा गया है, जबकि गंभीर रूप से घायल लोगों का इलाज विशेषज्ञ चिकित्सकों की देखरेख में किया जा रहा है।
तेज रफ्तार बनी हादसे की वजह
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि कार सामान्य गति से कहीं अधिक तेज रफ्तार में चल रही थी। सड़क पर अचानक नियंत्रण बिगड़ने के बाद चालक वाहन को संभाल नहीं सका और देखते ही देखते कार लोगों को कुचलती हुई आगे बढ़ गई।
स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि कार की गति कम होती तो इतना बड़ा हादसा टाला जा सकता था। दुर्घटना के बाद सड़क पर काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।
नशे में वाहन चलाने की आशंका
घटना के बाद मौके पर पहुंचे भाजपा सांसद मनीष जायसवाल के मीडिया प्रभारी रंजन चौधरी ने राहत एवं बचाव कार्य में सहयोग किया और अस्पताल पहुंचकर घायलों का हालचाल जाना।
उन्होंने इस घटना पर दुख जताते हुए कहा कि प्रारंभिक जानकारी के अनुसार चालक के नशे में होने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि पुलिस जांच और मेडिकल रिपोर्ट के बाद ही होगी।
रंजन चौधरी ने कहा कि नशे की हालत में वाहन चलाना गंभीर अपराध है और ऐसी लापरवाही कई निर्दोष लोगों की जान जोखिम में डाल देती है। उन्होंने लोगों से यातायात नियमों का पालन करने और शराब पीकर वाहन नहीं चलाने की अपील की।
पुलिस ने शुरू की जांच
घटना की सूचना मिलते ही बड़ा बाजार ओपी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे घटनास्थल का निरीक्षण किया।
पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त कार को अपने कब्जे में ले लिया है तथा मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा रहा है।
जांच के दौरान पुलिस निम्न बिंदुओं पर विशेष ध्यान दे रही है—
- कार की वास्तविक गति क्या थी।
- चालक नशे में था या नहीं।
- वाहन का तकनीकी परीक्षण।
- प्रत्यक्षदर्शियों के बयान।
- आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज।
यदि जांच में चालक की लापरवाही या शराब पीकर वाहन चलाने की पुष्टि होती है तो उसके खिलाफ संबंधित धाराओं में कार्रवाई की जाएगी।
स्थानीय लोगों ने उठाए सड़क सुरक्षा के सवाल
इस हादसे के बाद स्थानीय नागरिकों ने सड़क सुरक्षा को लेकर चिंता व्यक्त की है। लोगों का कहना है कि शहर के कई इलाकों में देर रात तेज रफ्तार वाहन चलते हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बना रहता है।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि—
- मुख्य सड़कों पर नियमित वाहन जांच अभियान चलाया जाए।
- ओवरस्पीडिंग करने वाले चालकों पर कड़ी कार्रवाई हो।
- शराब पीकर वाहन चलाने वालों के खिलाफ सख्त अभियान चलाया जाए।
- भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में स्पीड कंट्रोल के लिए अतिरिक्त उपाय किए जाएं।
विशेषज्ञों की राय
सड़क सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि अधिकांश सड़क दुर्घटनाओं के पीछे तेज रफ्तार और लापरवाही प्रमुख कारण होते हैं। यदि चालक निर्धारित गति सीमा का पालन करें और नशे की हालत में वाहन न चलाएं, तो बड़ी संख्या में दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है।
उन्होंने यह भी कहा कि वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का उपयोग, थकान और शराब का सेवन दुर्घटनाओं की संभावना कई गुना बढ़ा देता है।
प्रशासन की अपील
पुलिस प्रशासन ने वाहन चालकों से अपील की है कि वे यातायात नियमों का पालन करें और सुरक्षित ड्राइविंग को प्राथमिकता दें।
प्रशासन ने कहा कि—
- निर्धारित गति सीमा में वाहन चलाएं।
- शराब पीकर वाहन बिल्कुल न चलाएं।
- सीट बेल्ट और हेलमेट का अनिवार्य रूप से उपयोग करें।
- सड़क पर पैदल चलने वालों का विशेष ध्यान रखें।
जांच रिपोर्ट का इंतजार
फिलहाल इस पूरे मामले की जांच जारी है। पुलिस घायलों की पहचान, चालक की मेडिकल रिपोर्ट और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी।
यदि चालक की लापरवाही या नशे में वाहन चलाने की पुष्टि होती है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
हजारीबाग के व्यस्त इलाके में हुई इस घटना ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और तेज रफ्तार वाहनों पर प्रभावी नियंत्रण की आवश्यकता को उजागर कर दिया है। प्रशासन ने लोगों से संयमित और जिम्मेदार तरीके से वाहन चलाने की अपील की है, ताकि भविष्य में इस तरह की दुर्घटनाओं को रोका जा सके।

