रांची: झारखंड में करीब 10 साल बाद होने जा रही झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (जेटेट) को लेकर पहली बार मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने किसी परीक्षा के लिए विशेष अपील की है. राज्यभर में 5.60 लाख परीक्षार्थी इस परीक्षा में शामिल हुए। जिसके लिए 986 परीक्षा केंद्र तैयार किए गए हैं. राज्य में हाल के दिनों में छात्र आंदोलनों, प्रतियोगी परीक्षाओं में गड़बड़ियों के आरोप और कई परीक्षाओं व नियुक्ति विज्ञापनों को रद्द किए जाने के बीच इस परीक्षा को लेकर सरकार की चुनौती भी बढ़ गई है. लंबे इंतजार और कई बदलावों के बाद होने जा रही जेटेट परीक्षा को लेकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने परीक्षार्थियों, अभिभावकों और परीक्षा कार्य से जुड़े सभी लोगों से विशेष अपील की है. मुख्यमंत्री की यह अपील सोशल मीडिया के साथ-साथ अखबारों में भी प्रकाशित की गई है. उन्होंने परीक्षा को पूरी तरह शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और कदाचार मुक्त वातावरण में संपन्न कराने की अपील की है. मुख्यमंत्री ने परीक्षार्थियों, उनके अभिभावकों, शिक्षकों और परीक्षा व्यवस्था से जुड़े कर्मचारियों से पूरी जिम्मेदारी, अनुशासन और सहयोग के साथ अपनी भूमिका निभाने का आग्रह किया है.
परीक्षा को लेकर सरकार की भी प्रतिष्ठा दांव पर
दरअसल, पिछले कुछ वर्षों में झारखंड में आयोजित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर सवाल उठते रहे हैं. प्रश्नपत्र लीक से लेकर परीक्षा में अनियमितताओं के आरोप तक सामने आए हैं. हाल के दिनों में सरकार ने पूर्व में जारी एक दर्जन से अधिक परीक्षा और नियुक्ति विज्ञापनों को रद्द करने के फैसले भी लिए हैं, जिन्हें अदालत में चुनौती दी गई है. ऐसे माहौल में जेटेट परीक्षा का निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से आयोजन सरकार के लिए भी अहम माना जा रहा है. यही वजह है कि मुख्यमंत्री स्वयं सार्वजनिक अपील के जरिए परीक्षा से जुड़े सभी पक्षों को उनकी जिम्मेदारी याद दिला रहे हैं.
अभ्यर्थियों से लेकर अभिभावकों तक से सहयोग की अपील
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपनी अपील में मुख्य रूप से दो बातों पर जोर दिया है. पहली, परीक्षा का आयोजन पूरी तरह शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और कदाचार मुक्त माहौल में हो. दूसरी, परीक्षार्थियों, अभिभावकों, शिक्षकों और परीक्षा कार्य में लगे सभी कर्मचारी अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन पूरी ईमानदारी और अनुशासन के साथ करें. करीब एक दशक के लंबे इंतजार के बाद हो रही इस परीक्षा से बड़ी संख्या में 5.60 लाख अभ्यर्थियों की उम्मीदें जुड़ी हैं. ऐसे में परीक्षा में किसी भी तरह की गड़बड़ी न हो और सभी अभ्यर्थियों को निष्पक्ष अवसर मिले, यह सबसे बड़ी चुनौती होगी.
अब परीक्षा की पारदर्शिता पर सबकी नजर
जेटेट की परीक्षा केवल शिक्षक पात्रता हासिल करने की कोशिश कर रहे अभ्यर्थियों के लिए ही नहीं, बल्कि परीक्षा व्यवस्था और सरकार के लिए भी एक महत्वपूर्ण कसौटी है. अब सबकी नजर इस बात पर है कि झारखंड में यह परीक्षा कितनी पारदर्शिता और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न होती है.
JAC का फरमान: JTET परीक्षा में नकल या धांधली की तो खैर नहीं, लगेगा लाखों का जुर्माना और होगी जेल
रांची : झारखंड गठन के बाद से राज्य की अब तक की सबसे बड़ी परीक्षा जेटेट (झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा) एक नवंबर को आयोजित की जाएगी. इसकी सभी आवश्यक तैयारियां झारखंड एकेडमिक काउंसिल (जैक) द्वारा पूरी कर ली गई हैं. राज्य भर में बनाए गए 986 परीक्षा केंद्रों पर कुल 5.65 लाख परीक्षार्थी इस परीक्षा में शामिल होंगे. जैक ने परीक्षा को पूरी तरह से कदाचारमुक्त और पारदर्शिता के साथ संपन्न कराने के लिए कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं. इस संबंध में जैक अध्यक्ष डॉ. नटवा हांसदा ने गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव को पत्र लिखकर परीक्षा के दौरान कड़ी सुरक्षा और पारदर्शिता सुनिश्चित करने का विशेष आग्रह किया है. परीक्षा के दौरान यदि कोई भी परीक्षार्थी नकल करते हुए या किसी अन्य को नकल कराते हुए पकड़ा जाता है, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी. इसके तहत दोषी परीक्षार्थी को तीन वर्ष तक का कारावास और पांच लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है. यदि अभ्यर्थी जुर्माने की राशि का भुगतान करने में असमर्थ रहता है, तो उसे नौ महीने की अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी.
धोखाधड़ी और गड़बड़ी करने वालों पर होगी भारी कार्रवाई
परीक्षा संचालन से जुड़े किसी भी स्तर पर अनुचित साधनों का प्रयोग करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा. यदि परीक्षा संचालन के लिए अनुबंधित प्रिंटिंग प्रेस, परिवहन कार्य के लिए अधिकृत किसी व्यक्ति या संस्था, अथवा कोई कोचिंग संस्थान किसी भी प्रकार की साजिश या अनुचित गतिविधियों में लिप्त पाया जाता है, तो उनके खिलाफ अत्यंत कठोर कार्रवाई की जाएगी. ऐसे मामलों में संलिप्त व्यक्तियों या संस्थाओं पर दो करोड़ रुपये से लेकर 10 करोड़ रुपये तक का भारी जुर्माना लगाया जा सकता है, जो किसी भी स्थिति में दो करोड़ से कम नहीं होगा. इसके साथ ही, ऐसे अपराधियों के लिए कारावास की सजा 10 वर्ष से कम नहीं होगी और अधिकतम आजीवन कारावास तक हो सकती है. जैक अध्यक्ष ने गृह विभाग से यह अनुरोध किया है कि वे संबंधित जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों को इस बारे में स्पष्ट निर्देश दें. इसके अलावा, परीक्षा के दिन सभी केंद्रों पर पर्याप्त संख्या में प्रशिक्षित सुरक्षा कर्मियों की उपलब्धता हर हाल में सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया है.
परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा और जांच की कड़ी व्यवस्था
हर परीक्षार्थी की अनिवार्य जांच: परीक्षा हॉल में प्रवेश करने से पहले सभी अभ्यर्थियों की पूरी शारीरिक (फ्रिस्कलिंग) जांच की जाएगी.
प्रतिबंधित सामग्रियों पर रोक: किसी भी परीक्षार्थी को मोबाइल फोन, इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस, कैलकुलेटर या किसी भी तरह के नोट्स परीक्षा केंद्र के अंदर ले जाने की अनुमति नहीं होगी.
महिला अभ्यर्थियों की विशेष जांच: परीक्षा केंद्रों पर पर्याप्त संख्या में महिला सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की जाएगी, जो महिला अभ्यर्थियों की तलाशी और जांच का कार्य संभालेंगी.
पुलिस बल की व्यापक तैनाती: केंद्रों पर भारी भीड़ को नियंत्रित करने और कानून-व्यवस्था तथा अनुशासन बनाए रखने के लिए पुख्ता सुरक्षा बल तैनात किए जाएंगे.
केंद्र के भीतर और बाहर सख्त गश्त: किसी भी प्रकार की बेकार या संदिग्ध गतिविधियों को रोकने के लिए सुरक्षाकर्मी परीक्षा केंद्रों के अंदर और बाहर लगातार निगरानी रखेंगे.

