उषा मार्टिन विश्वविद्यालय ने उच्च शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। विश्वविद्यालय के ऑनलाइन स्नातक एवं स्नातकोत्तर कार्यक्रमों को विश्वविद्यालय अनुदान आयोग-डिस्टेंस एजुकेशन ब्यूरो (UGC-DEB) से शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए स्वीकृति मिल गई है। विश्वविद्यालय के अनुसार, इससे गुणवत्तापूर्ण और सुविधाजनक उच्च शिक्षा को अधिक से अधिक विद्यार्थियों तक पहुंचाने में मदद मिलेगी।
NAAC से मिल चुका है ‘A’ ग्रेड
ऑनलाइन शिक्षा को मिली इस स्वीकृति से पहले विश्वविद्यालय ने वर्ष 2025 में NAAC से ‘A’ ग्रेड हासिल किया था। विश्वविद्यालय को 3.17 CGPA के साथ मान्यता मिली थी। विश्वविद्यालय के अनुसार, उस समय यह झारखंड के किसी भी विश्वविद्यालय द्वारा NAAC मूल्यांकन में प्राप्त सबसे अधिक स्कोर था।
विश्वविद्यालय का कहना है कि NAAC की मान्यता और अब UGC-DEB की स्वीकृति से उच्च शिक्षा के क्षेत्र में उसकी पहचान और मजबूत हुई है।
नौकरी और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के साथ पढ़ाई का मौका
UGC-DEB से स्वीकृति मिलने के बाद विश्वविद्यालय की ऑनलाइन शिक्षा व्यवस्था को और विस्तार मिलेगा। इससे खास तौर पर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों, नौकरीपेशा लोगों और अंतरराष्ट्रीय विद्यार्थियों को लाभ मिलने की उम्मीद है।
ऑनलाइन माध्यम से विद्यार्थी अपनी अन्य जिम्मेदारियों के साथ उच्च शिक्षा जारी रख सकेंगे। विश्वविद्यालय के मुताबिक, इस पहल का उद्देश्य उच्च शिक्षा को अधिक सुलभ, सुविधाजनक और किफायती बनाना भी है।
इन ऑनलाइन पाठ्यक्रमों को मिली स्वीकृति
UGC-DEB द्वारा स्वीकृत ऑनलाइन कार्यक्रमों में स्नातक स्तर पर:
- BBA (ऑनर्स) – 4 वर्ष
- BCA (ऑनर्स) – 4 वर्ष
दोनों स्नातक कार्यक्रमों में Multiple Entry and Exit की सुविधा उपलब्ध होगी।
वहीं, स्नातकोत्तर स्तर पर विश्वविद्यालय को निम्नलिखित कार्यक्रमों के संचालन की स्वीकृति मिली है:
- MBA – Human Resource Management
- MBA – Management
- MBA – Marketing Management
- MCA
इन सभी स्नातकोत्तर कार्यक्रमों की अवधि दो वर्ष निर्धारित है।

