झारखंड में धनबाद के कतरास में रामकनाली ओपी क्षेत्र की केशलपुर कुम्हार पट्टी के पास रविवार की सुबह लगभग 7 बजे कोयला चोरी के दौरान अचानक मलबा धंस गया। इसमें पांच लोग दब गए, जिसमें कतरास बाजार केवट टोला निवासी मुंगिया देवी, आद्री देवी और धनंजय कुम्हार की मौत हो गई। सीमा देवी और एक अन्य महिला का अस्पताल में इलाज चल रहा है।
स्थानीय लोगों ने बताया कि अन्य दिनों की तरह लोग कोयला चुनने कुम्हार पट्टी गए थे। इसी दौरान ऊपर की जमीन धंस गई। तीनों मलबे की जद में आ गए। शोर सुन स्थानीय लोग पहुंचे और मशक्कत के बाद तीन शव निकाल कर ले भागे। एक की मौत मौके पर ही हो चुकी थी, जबकि दो महिला को कतरास के एक अस्पताल में मृत घोषित किया गया। सभी का आनन-फानन में अंतिम संस्कार भी कर दिया गया।
कैसे हुआ हादसा?
बंद परियोजना क्षेत्र की जमीन पर भू-धंसान के कारण जगह-जगह दरारें पड़ गई हैं। घायल सीमा देवी कतरासगढ़ राजबाड़ी स्थित केवट टोला निवासी भरत सोनी की पत्नी हैं। उन्होंने बताया कि वे चार महिलाएं कोयला चुनने गई थीं, तभी अचानक भू-धंसान होने से सभी मिट्टी के मलबे में दब गईं। सूचना पर रामकनाली ओपी प्रभारी अलीशा कुमारी घटनास्थल पहुंच स्थित की जानकारी ली। पूर्व मंत्री जलेश्वर महतो, कांग्रेस नेता अशोक लाल समेत भाजपा नेता विनय पासवान भी पहुंचे थे। परिजनों ने आनन-फानन में शवों का दाह संस्कार कर दिया। घटना पर मृतकों के परिजन कुछ भी बताने से परहेज कर रहे हैं।
लगातार भू-धंसान से उठे अवैध खनन पर सवाल
कतरास क्षेत्र में लगातार हो रही भू-धंसान की घटनाओं को लेकर बीसीसीएल प्रबंधन और सीआईएसएफ की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। पूर्व मंत्री जलेश्वर महतो रविवार को केशलपुर पहुंचे और हादसे में मारे गए लोगों के प्रति संवेदना जताई। उन्होंने कहा कि लगातार भू-धंसान से क्षेत्र में अवैध खनन का खुलासा होता है। कोयला चोरी रोकने की जिम्मेदारी बीसीसीएल की है, अवैध खनन पर अंकुश लगाने में सीआईएसएफ विफल रही है।

