झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) की सीजीएल प्रतियोगिता परीक्षा में कथित पेपर लीक, अनियमितता आदि की जांच कर रही सीआईडी ने रविवार को एक और सफल अभ्यर्थी कुंदन कुमार को गिरफ्तार किया है।
गिरफ्तार कुंदन पलामू जिले के नौडीहा बाजार थाना क्षेत्र के नमोदाग स्थित डुमरी का मूल निवासी है। वर्तमान में वह जेएसएससी सीजीएल परीक्षा उत्तीर्ण होने के बाद गुमला जिले के सिसई में प्रखंड कल्याण पदाधिकारी (बीडब्ल्यूओ) के पद पर कार्यरत था। सीआईडी ने उसकी गिरफ्तारी पलामू से की है।
सीआईडी की प्रारंभिक जांच में पता चला है कि गिरफ्तार आरोपित ने भी परीक्षा संचालन से जुड़ी एजेंसी आइसीएन के संचालक मिथिलेश सिंह सिंडिकेट को रिश्वत देकर नौकरी ली थी। उसने स्वयं भी रुपये दिए और कई अन्य अभ्यर्थियों की भी सेटिंग कराई। वह सफल अभ्यर्थी के साथ-साथ एजेंट की भूमिका में भी था।
अबतक 27 आरोपितों की हो चुकी है गिरफ्तारी
जेएसएससी सीजीएल में कथित पेपर लीक मामले में सीआईडी ने एक जनवरी 2025 को सीआईडी थाना कांड संख्या 01/2025 दर्ज कर पूरे मामले की जांच अपने अधीन ली थी। इसके बाद से ही अब तक सीआइडी ने कुंदन सहित कुल 27 आरोपितों की गिरफ्तारी की है।
पूर्व में 16 लोगों की गिरफ्तारी हुई थी, जिनमें अधिकतर झारखंड पुलिस के जवान थे। उनपर परीक्षा पास कराने के एवज में वसूली करने तथा अभ्यर्थियों को प्रश्न व उत्तर रटवाने के आरोप हैं।
अब जो 11 गिरफ्तारियां हुईं हैं, उनमें पूर्व में गिरफ्तार मास्टरमाइंड रहे अभय कुमार तिवारी के अलावा 18 अगस्त को गिरफ्तार सफल अभ्यर्थी अभय कुमार तिवारी की पत्नी सुषमा कुमारी व भाई अक्षय तिवारी, 27 अगस्त को गिरफ्तार आइसीएन के दो कर्मी साेमांश प्रकाश व राहुल कुमार, 28 अगस्त को गिरफ्तार हुए।
चार सफल अभ्यर्थी दीपक कुमार, उमेश कुमार राय, विजय कुमार तिवारी व आनंद कुमार सिंह तथा 30 अगस्त को गिरफ्तार अभ्यर्थी समीर कुमार और अब कुंदन कुमार की गिरफ्तारी शामिल हैं।
नए सिरे से जांच के क्रम में गिरफ्तार सभी 11 आरोपितों में नौ परीक्षा के सफल अभ्यर्थी हैं, जबकि दो परीक्षा संचालन करने वाली एजेंसी आईसीएन के कर्मी हैं। सफल अभ्यर्थियों में कई एजेंट की भूमिका में भी थे, जिन्होंने अपने लिए भी रिश्वत दी और दूसरे अभ्यर्थियों के लिए भी वसूली की।

