रांची. देश के कई राज्यों में स्वाइन फ्लू और सीजनल इन्फ्लुएंजा के बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने राजधानी रांची समेत सभी जिलों में सतर्कता बढ़ा दी है. इस संबंध में भारत सरकार के अपर सचिव डॉ राकेश गुप्ता द्वारा एडवाइजरी जारी की गयी है. स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी की ओर से भी एक एडवाइजरी जारी की गयी है.
बिना डॉक्टर की सलाह एंटीबायोटिक दवाएं नहीं लेने का निर्देश
डॉक्टरों और पैरामेडिकल कर्मियों को मास्क लगाकर उपचार करने तथा बिना डॉक्टर की सलाह एंटीबायोटिक दवाएं नहीं लेने का निर्देश दिया गया है. राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अभियान निदेशक ने सभी सिविल सर्जनों और जिला सर्विलांस पदाधिकारियों को संभावित मरीजों की पहचान, जांच, उपचार, बचाव और लगातार निगरानी सुनिश्चित करने को कहा है. निर्देश में मेडिकल कॉलेजों की ओपीडी, जिला अस्पतालों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में आइएलआइ और एसएआरआइ मरीजों की स्क्रीनिंग करने को कहा गया है.
कम-से-कम एक बेड वाला आइसोलेशन वार्ड
मेडिकल कॉलेजों और जिला अस्पतालों के साथ समन्वय कर संदिग्ध मरीजों की जांच कराने का भी निर्देश दिया गया है. इसकी जांच की सुविधा रिम्स और जमशेदपुर स्थित एमजीएम में उपलब्ध है. मेडिकल कॉलेजों और जिला अस्पतालों में संक्रमित मरीजों के लिए कम-से-कम एक बेड वाला आइसोलेशन वार्ड बनाने को कहा गया है. अस्पतालों को पीपीई किट, एन-95 और ट्रिपल लेयर मास्क, वीटीएम किट, दवाएं, ऑक्सीजन उपकरण तथा वेंटिलेटर जैसी आवश्यक सामग्री उपलब्ध रखने का निर्देश दिया गया है. जिला सर्विलांस इकाइयों को जांच से संबंधित दैनिक रिपोर्ट आइडीएसपी और आइएचआइपी पोर्टल पर दर्ज करनी होगी.
ये लक्षण दिखें, तो हो जायें सतर्क
सर्दी, खांसी, बुखार, गले में खराश, नाक बहना, सिरदर्द, उल्टी, सुस्ती, डायरिया और ठंड लगने जैसे लक्षणों वाले मरीजों पर विशेष नजर रखने को कहा गया है. सांस लेने में परेशानी वाले और अस्पताल में भर्ती मरीजों को एसएआरआइ श्रेणी में रखकर निगरानी करने का निर्देश दिया गया है.
अलर्ट: स्वास्थ्य विभाग ने जारी की एडवाइजरी
स्वाइन फ्लू को लेकर झारखंड में बढ़ी सतर्कता, अस्पतालों में बनेंगे अलग आइसोलेशन वार्ड रांची. देश के कई राज्यों में स्वाइन फ्लू और सीजनल इन्फ्लुएंजा के बढ़ते मामलों को देखते हुए झारखंड स्वास्थ्य विभाग ने राजधानी रांची समेत सभी जिलों में सतर्कता बढ़ा दी है. भारत सरकार के अपर सचिव डॉ. राकेश गुप्ता की ओर से एडवाइजरी जारी किए जाने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने भी आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं.

