रांची: मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में सोमवार को आयोजित झारखंड मंत्रिपरिषद की बैठक में विकास, आधारभूत संरचना, खनन, वन एवं प्रशासनिक सुधारों से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। कैबिनेट ने राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में सड़क, सिंचाई, डिजिटल नेटवर्क, रोजगार और खनन परियोजनाओं को आगे बढ़ाने के लिए कई अहम निर्णय लिए।
कैबिनेट ने रांची के नामकुम से डोरंडा पथ (एमडीआर-002) के 6.70 किलोमीटर लंबे मार्ग को चार लेन में चौड़ीकरण और मजबूतीकरण कार्य के लिए 162.82 करोड़ रुपये की द्वितीय पुनरीक्षित प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की। इस परियोजना में भूमि अधिग्रहण और यूटिलिटी शिफ्टिंग का कार्य भी शामिल है।
बैठक में झारनेट 2.0 परियोजना की अवधि को 31 जुलाई 2026 तक विस्तारित करने तथा इसके लिए 65.50 करोड़ रुपये खर्च की स्वीकृति दी गई। इसके अलावा राज्य सरकार के विभिन्न कार्यालयों में कार्यरत कंप्यूटर ऑपरेटरों के वेतनमान और संविदा भुगतान को भी मंजूरी प्रदान की गई।
खनन क्षेत्र से जुड़े महत्वपूर्ण फैसलों में बोकारो जिले के चंदनकियारी अंचल स्थित पर्वतपुर कोल ब्लॉक के 2174.52 एकड़ क्षेत्र तथा सीतानाला कोल ब्लॉक के लगभग 792 एकड़ क्षेत्र में कोयला खनन पट्टा स्वीकृत किया गया। वहीं गोड्डा जिले के सुंदरपहाड़ी अंचल स्थित जीतपुर कोल ब्लॉक के 497.10 हेक्टेयर क्षेत्र में एम/एस टेरी माइनिंग प्राइवेट लिमिटेड को कोयला खनन पट्टा देने की मंजूरी भी दी गई।
वन एवं पर्यावरण क्षेत्र में कैबिनेट ने जंगली जानवरों द्वारा होने वाली क्षति पर मुआवजा भुगतान संबंधी आदेश में संशोधन को मंजूरी दी। साथ ही विभिन्न विभागों द्वारा क्षतिपूरक वनरोपण के लिए भूमि हस्तांतरण संबंधी मामलों के निस्तारण की शक्ति उपायुक्तों को सौंपने का निर्णय लिया गया।
पलामू जिले की महत्वाकांक्षी अमानत बराज योजना के लिए 947.26 करोड़ रुपये के तृतीय पुनरीक्षित प्राक्कलन को प्रशासनिक स्वीकृति मिली। इसके अलावा बांध सुरक्षा अधिनियम 2021 के तहत राज्य के बड़े और मध्यम सिंचाई परियोजनाओं के लिए स्वतंत्र विशेषज्ञ पैनल के गठन का भी निर्णय लिया गया।
कैबिनेट ने गोड्डा और बोकारो समाहरणालय में अनियमित रूप से कार्यरत कुल सात कर्मियों की सेवा नियमितीकरण को मंजूरी दी। वहीं झारखंड कर्मचारी चयन आयोग के विज्ञापन संख्या 18/2016 के तहत अनुशंसित अभ्यर्थियों को मोटरयान निरीक्षक पद पर नियुक्ति देने की भी स्वीकृति प्रदान की गई।
इसके अतिरिक्त झारखंड राज्य के महाधिवक्ता पद पर अधिवक्ता रोहितश्य रॉय की नियुक्ति तथा अपर महाधिवक्ता अच्युत केशव को वरीय अपर महाधिवक्ता पद पर पदोन्नति की मंजूरी दी गई।
कैबिनेट के इन निर्णयों को राज्य में आधारभूत संरचना विकास, डिजिटल कनेक्टिविटी, रोजगार सृजन और औद्योगिक गतिविधियों को गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

