रांची: हूल दिवस के अवसर पर राजधानी रांची स्थित सिदो-कान्हू उद्यान परिसर में आयोजित रक्तदान शिविर में मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने रक्तदाताओं का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया और समाज के प्रति उनके इस निस्वार्थ योगदान की सराहना की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि रक्तदान मानवता की सबसे बड़ी सेवा है। एक यूनिट रक्त किसी जरूरतमंद की जान बचा सकता है। उन्होंने कहा कि हूल दिवस जैसे ऐतिहासिक अवसर पर रक्तदान शिविर का आयोजन वीर शहीदों के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है, क्योंकि उनके जीवन का संदेश भी समाज और मानवता की सेवा के लिए समर्पित था।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने रक्तदाताओं से मुलाकात की और उन्हें नियमित रूप से रक्तदान करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि युवाओं की बढ़-चढ़कर भागीदारी समाज में सेवा और जागरूकता की भावना को मजबूत करती है।
रक्तदान शिविर में बड़ी संख्या में युवाओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और विभिन्न संगठनों के सदस्यों ने स्वेच्छा से रक्तदान किया। आयोजन स्थल पर स्वास्थ्यकर्मियों की टीम ने रक्तदाताओं की जांच और रक्त संग्रह की पूरी प्रक्रिया को सुरक्षित एवं व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराया।
मुख्यमंत्री ने आयोजन से जुड़े सभी चिकित्सकों, स्वास्थ्यकर्मियों, स्वयंसेवकों और आयोजकों की भी सराहना करते हुए कहा कि ऐसे सामाजिक कार्यक्रम समाज में सहयोग, संवेदनशीलता और मानवता की भावना को बढ़ावा देते हैं।
हूल दिवस के अवसर पर आयोजित इस रक्तदान शिविर ने यह संदेश दिया कि अमर वीर शहीद सिदो-कान्हू के संघर्ष और बलिदान को केवल श्रद्धांजलि तक सीमित न रखकर समाजहित के कार्यों के माध्यम से भी याद किया जा सकता है। रक्तदान जैसे सेवा कार्य न केवल जीवन बचाने का माध्यम हैं, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने का भी प्रेरक उदाहरण हैं।

