दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने नववर्ष समारोह के दौरान हुई हर्ष फायरिंग से महिला चिकित्सक की मौत के मामले में बिहार के बीजेपी विधायक राजू कुमार सिंह को 4 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है।
अदालत ने मृतका के पति को 25 लाख रुपये मुआवजा देने का भी आदेश दिया है।
मुआवजा नहीं देने पर तीन माह अतिरिक्त सजा
अदालत ने अपने आदेश में मृतका के पति को 25 लाख रुपये का मुआवजा देने का निर्देश दिया है। यदि निर्धारित मुआवजा नहीं दिया जाता है, तो दोषी को अतिरिक्त तीन माह का कारावास भुगतना होगा।
आर्म्स एक्ट में भी मिली सजा
राउज एवेन्यू कोर्ट ने इस मामले में विधायक राजू कुमार सिंह को आर्म्स एक्ट के तहत भी दोषी ठहराते हुए दो महीने के कारावास की सजा सुनाई है। अदालत के आदेश के अनुसार मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया नियमानुसार पूरी की जाएगी।
इस अदालती फैसले के साथ ही राजू सिंह की विधानसभा सदस्यता भी समाप्त होना तय हो गया है। जनप्रतिनिधित्व कानून के मुताबिक, दो साल या उससे अधिक की सजा मिलने पर किसी भी विधायक या सांसद की सदस्यता तत्काल प्रभाव से समाप्त हो जाती है।
गैर-इरादतन हत्या और आर्म्स एक्ट में दोषी
इससे पहले, 6 जून 2026 को राउज एवेन्यू कोर्ट ने विधायक राजू सिंह को गैर-इरादतन हत्या (IPC की धारा 304 भाग-2) और आर्म्स एक्ट के तहत दोषी करार दिया था। दोषी ठहराए जाने के तुरंत बाद कोर्ट ने उन्हें हिरासत में लेने का आदेश जारी किया था। इसके बाद सजा की अवधि (सजा के बिंदु) पर दोनों पक्षों की बहस पूरी होने पर अदालत ने अपना फैसला सुनाया।
क्या था पूरा मामला?
यह पूरा मामला करीब साढ़े सात साल पुराना है। उस समय दिल्ली से लेकर बिहार तक इसकी खूब चर्चा हुई थी।
- तारीख और जगह: 31 दिसंबर 2018 की रात, वसंत कुंज (दिल्ली) स्थित एक फार्महाउस।
- घटना: फार्महाउस में न्यू ईयर (नए साल) के जश्न के लिए एक भव्य पार्टी का आयोजन किया गया था।
- आरोप: आरोप था कि जश्न के दौरान विधायक राजू सिंह ने अपनी बंदूक से हर्ष फायरिंग की।
- अंजाम: इस फायरिंग के दौरान एक गोली वहां मौजूद डॉ. अर्चना गुप्ता को लग गई, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गईं। इलाज के दौरान तीन दिनों के बाद उन्होंने दम तोड़ दिया था।
राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज
राजू सिंह बिहार की राजनीति का एक जाना-माना चेहरा हैं और वह नीतीश सरकार में पूर्व मंत्री भी रह चुके हैं। इस फैसले के बाद बिहार के सियासी गलियारों में हलचल तेज हो गई है। साहेबगंज विधानसभा सीट पर अब उपचुनाव की नौबत आ गई है, जिससे भाजपा के लिए स्थानीय स्तर पर एक बड़ा झटका माना जा रहा है।

