राज्य में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत गणना चरण (इन्यूमरेशन फेज) 30 जून से 29 जुलाई तक संपन्न होगा।
इस दौरान बीएलओ घर-घर जाकर गणना प्रपत्र (इन्यूमरेशन फार्म) देंगे, जिन्हें भरकर तथा हस्ताक्षर कर बीएलओ को लौटाना होगा।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के रवि कुमार के अनसार, इस दौरान मतदाताओं को कोई दस्तावेज नहीं देना है। फार्म भरकर तथा उसपर हस्ताक्षर कर बीएलओ को लोटाने के साथ ही प्रारुप मतदाता सूची में उनका नाम सम्मिलित हो जाएगा।
दूसरे शब्दों में, जो भी मतदाता हस्ताक्षरित गणना प्रपत्र जमा करेंगे, उनका नाम प्रारुप मतदाता सूची में आ जाएगा। चाहे वह किसी भी राज्य/केंद्र शासित प्रदेश की पिछली एसआईआर मतदाता सूची (जिसमें 2003 की झारखंड एसआईआर मतदाता सूची भी सम्मिलित हैं) के साथ मैप किया गया हो या नहीं।
वहीं, पांच परिस्थितियों में मतदाताओं को गणना प्रपत्र नहीं लौटाना है। इन परिस्थितियों में उनका नाम प्रारुप मतदाता सूची में सम्मिलित नहीं होगा।
इन पांच श्रेणियों के मतदाता नहीं भरेंगे गणना प्रपत्र
वर्तमान मतदाता सूची में कई ऐसे मतदाता हैं, जिन्होंने जाने या अनजाने में एक से अधिक विधानसभा क्षेत्र और एक ही विधानसभा क्षेत्र में एक से अधिक मतदान केंद्रों में पंजीकरण कराया है।
ऐसे मतदाताओं को भी बीएलओ द्वारा उन सभी मतदान केंद्रों पर गणना प्रपत्र प्रदान किए जाएंगे, जहां वे मतदाता के रूप में पंजीकृत हैं। इस प्रकार के डुप्लीकेट/एकाधिक प्रविष्टि वाले मतदाताओं को अपने गणना प्रपत्र पर हस्ताक्षर करके उस मतदान केंद्र क्षेत्र के बीएलओ/ईसीआइनेट को जमा करना होगा, जहां वे सामान्य रूप से निवास करते हैं।

