शिक्षक बनने की पात्रता हासिल करने पहुंचे अभ्यर्थियों से जेटेट में झारखंड की भौगोलिक पहचान से जुड़े सवाल भी पूछे गए। किसी से राज्य के प्रमुख जलप्रपातों के बारे में जानकारी मांगी गई, तो किसी को नदियों के उद्गम स्थल से जुड़े प्रश्नों ने सोचने पर मजबूर किया।
परीक्षा देकर बाहर निकले अभ्यर्थियों के बीच जोन्हा, हुंडरू और दशम जलप्रपात के साथ स्वर्णरेखा नदी से जुड़े सवालों की चर्चा रही। अभ्यर्थियों ने प्रश्नपत्र को सामान्य और संतुलित बताया।
हजारीबाग के इंद्रजीत कुमार और ममता कुमारी सिन्हा ने बताया कि प्रश्नपत्र में झारखंड के सर्वाधिक वन क्षेत्र वाले जिलों से संबंधित सवाल पूछे गए थे। वहीं, कुम्हरिया की अनीता उरांव के अनुसार, रांची के प्रसिद्ध जोन्हा, हुंडरू और दशम जलप्रपात से जुड़े प्रश्न भी शामिल थे।
रांची की सरिता लकड़ा ने बताया कि स्वर्णरेखा नदी के उद्गम स्थल से संबंधित सवाल पूछा गया था। इन सवालों के जरिए अभ्यर्थियों की राज्य के प्राकृतिक भूगोल और स्थानीय पर्यटन स्थलों की जानकारी परखी गई।
सामान्य सवालों से अभ्यर्थियों ने ली राहत की सांस
डालटनगंज की मनीषा कुमारी और खूंटी के साधो सपनों ने बताया कि प्रश्नपत्र में बहुत कठिन सवाल नहीं थे। सवालों का स्तर सामान्य रहा, जिससे उनकी परीक्षा अच्छी गई। परीक्षा के बाद अभ्यर्थियों के बीच प्रश्नों के उत्तर पर चर्चा होती रही। कई अभ्यर्थियों ने झारखंड से जुड़े सवालों को उपयोगी बताया।

