सुप्रीम कोर्ट ने मोकामा के बाहुबली विधायक अनंत सिंह को दुलारचंद यादव मर्डर केस में 1 दिसंबर तक आत्मसमर्पण करके फिर से जेल जाने का आदेश दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने अनंत सिंह को बेटी शिवांगी सिंह की 25 नवंबर को तय शादी के लिए एक महीने की मोहलत दी है और शादी के बाद 1 दिसंबर तक जेल लौटने कह दिया है। सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस एमएम सुंदरेश और जस्टिस प्रसन्ना बी वराले की बेंच ने आज (30 अक्टूबर) सुनवाई के दौरान राज्य सरकार को 4 महीने में इस मामले की जांच पूरी कर लेने कहा है, जिसके बाद अगली सुनवाई होगी। संयोग से बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के दौरान 30 अक्टूबर के दिन ही दुलारचंद यादव की हत्या हुई थी। कोर्ट में अनंत सिंह के वकील ने बेटी की 25 नवंबर की शादी की जानकारी देकर रियायत मांगी थी। कोर्ट ने 29 सितंबर को पिछली सुनवाई में साफ कहा था कि 30 अक्टूबर को कोई स्थगन नहीं दिया जाएगा। मुकदमे में बिहार सरकार पार्टी नंबर 1 और अनंत सिंह पार्टी नंबर 2 हैं। राज्य सरकार ने 24 अक्टूबर को दाखिल एफिडेविट में अनंत सिंह की क्रिमिनल हिस्ट्री में 62 दर्ज मुकदमों का जिक्र किया है।
मोकामा के चर्चित दुलारचंद यादव हत्याकांड में अनंत सिंह को पटना हाईकोर्ट से 19 मार्च को बेल मिलने के बाद जेल से रिहा कर दिया गया था। दुलारचंद यादव के पोते नीरज कुमार ने अनंत सिंह की जमानत रद्द करने के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। नीरज कुमार के वकीलों की तरफ से दलील दी गई है कि हाईकोर्ट ने अनंत सिंह को जमानत देने में उनके आपराधिक इतिहास पर गौर नहीं किया। राज्य सरकार ने 24 अक्टूबर को दायर हलफनामा में अनंत सिंह की ‘बहुत भारी क्रिमिनल हिस्ट्री’ में हत्या, हत्या के प्रयास, अपहरण, आर्म्स एक्ट जैसी ‘गंभीर धाराओं’ में दर्ज कुल 62 मुकदमों की जानकारी कोर्ट को दी है।
जेडीयू विधायक अनंत सिंह ने यह आरोप लगाया है कि दुलारचंद यादव की हत्या के समय घटनास्थल से तीन किमी दूर रहने के बाद भी जेडीयू एमएलसी नीरज कुमार ने उनका नाम केस में डलवा दिया। अनंत सिंह ने कहा कि जब उनको जमानत मिल गई तो नीरज कुमार दिल्ली में केस करवा दिया। उन्होंने कहा कि जब उनको यह बात पता चली तो उन्होंने एमएलसी के चुनाव में नीरज कुमार का खुलकर विरोध किया। उन्होंने कहा कि पार्टी का विरोध नहीं किया, नीरज कुमार का विरोध किया।

