झारखंड के गिरिडीह जिले के तिसरी प्रखंड से सरकारी राशन व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है. तिसरी प्रखंड के जेएसएफसी गोदाम में रखी करीब 31.58 क्विंटल चना दाल के खराब होने और उसमें कीड़े लगने जैसी बड़ी लापरवाही सामने आ रही है.
आरोप है कि इस खराब दाल को अब राशन दुकानों के माध्यम से कार्डधारियों के बीच बांटने की तैयारी की जा रही है. बताया जा रहा है कि 7 अगस्त को झामुमो प्रखंड अध्यक्ष रिंकू वर्णवाल ने जेएसएफसी गोदाम का निरीक्षण किया था. इस दौरान गोदाम में रखी चना दाल की स्थिति खराब होने का दावा किया गया.
कैसे खराब हुई दाल?
आरोप है कि समय पर वितरण नहीं होने के कारण दाल लंबे समय तक गोदाम में पड़ी रह गई और खराब हो गई. मामले में भंडारी पंचायत के कुछ राशन डीलरों ने भी आपत्ति जताई है. डीलरों का कहना है कि खराब बताई जा रही दाल को वाहनों में लोड कर राशन दुकानों तक भेजने की कोशिश की गई.
डीलरों के मुताबिक, उन्होंने दाल लेने से इनकार किया. इसके बाद ऑनलाइन प्रक्रिया को लेकर भी विवाद होने की बात कही जा रही है. वहीं, ग्रामीणों का कहना है कि अगर दाल की गुणवत्ता खराब है तो पहले उसकी जांच होनी चाहिए. उनका कहना है कि गरीब परिवारों को राशन जरूर मिले, लेकिन ऐसा खाद्यान्न नहीं दिया जाना चाहिए जिसकी गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हों.
प्रशासन ने दिए जांच के आदेश
वहीं, भंडारी पंचायत के मुखिया पिंकेश सिंह ने मामले को लेकर एमओ अभिजीत कुमार से जानकारी लेने की बात कही है. एक कर्मी ने नाम नहीं छापने की शर्त पर दावा किया कि दाल वितरण का निर्देश डीएसओ स्तर से दिया गया था. हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है. ग्रामीणों ने प्रशासन से दाल की गुणवत्ता की जांच कराने और जांच पूरी होने तक संदिग्ध दाल का वितरण रोकने की मांग की है. अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कार्रवाई करता है.

