JSSC CGL परीक्षा में कथित गड़बड़ी के मामले में CID ने एक और गिरफ्तारी की है. गिरिडीह के बेंगाबाद इलाके के रहने वाले समीर कुमार को पकड़ा गया है. यह कार्रवाई CID थाना कांड संख्या 01/2025 की जांच के दौरान हुई है.
परीक्षा में अनियमितता की जांच पहले से चल रही है. समीर की गिरफ्तारी के बाद अब एजेंसी उससे पूछताछ कर यह समझने की कोशिश करेगी कि इस पूरे मामले में उसकी क्या भूमिका थी. जांच का दायरा सिर्फ एक अभ्यर्थी तक सीमित नहीं है. टीम उन लोगों तक भी पहुंचने की कोशिश कर रही है, जिनके जरिए परीक्षा से जुड़ी गड़बड़ी हुई हो सकती है.
पहले कुछ अभ्यर्थियों की गिरफ्तारी के बाद मामले की जांच और तेज हो गई है. SIT यह पता लगाने में जुटी है कि परीक्षा में गड़बड़ी के पीछे कोई बड़ा नेटवर्क तो नहीं था. परीक्षा से पहले या उसके दौरान किसी अभ्यर्थी को मदद मिली थी या नहीं, इसकी भी पड़ताल की जा रही है.
जांच में बिचौलियों या एजेंटों की भूमिका पर भी नजर है. टीम यह जानना चाहती है कि अगर सवाल या परीक्षा से जुड़ी कोई जानकारी पहले से किसी के पास पहुंची थी, तो उसे आगे किस तरह इस्तेमाल किया गया.
गिरफ्तार अभ्यर्थियों से पूछताछ
जांच टीम गिरफ्तार अभ्यर्थियों से पूछताछ कर रही है. उनसे परीक्षा से जुड़ी जानकारी लेने के साथ उनके संपर्क में रहे लोगों के बारे में भी पूछा जा सकता है. इसके अलावा, मोबाइल फोन, चैट, कॉल रिकॉर्ड और दूसरे इलेक्ट्रॉनिक सबूत भी जांच का हिस्सा बन सकते हैं. इनकी मदद से यह पता लगाने की कोशिश होगी कि आरोपियों के बीच किस तरह संपर्क हुआ था और मामले की कड़ियां कहां तक जाती हैं.
एसआईटी की जांच अभी जारी है. ऐसे में आने वाले दिनों में इस मामले से जुड़े दूसरे लोगों की भूमिका भी सामने आ सकती है. एजेंसी जल्दबाजी में किसी नतीजे पर पहुंचने के बजाय मिले सबूतों के आधार पर आगे बढ़ रही है.
अधिकारियों का कहना है कि जांच से सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल CID का फोकस परीक्षा में कथित अनियमितता की पूरी कड़ी समझने पर है.

