रांची। झारखंड में राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज है। इसी बीच मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन बुधवार को दिल्ली रवाना हो गए। हालांकि मुख्यमंत्री का यह दौरा पहले से निर्धारित कार्यक्रम का हिस्सा बताया जा रहा है। गुरुवार को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में नीति आयोग की 11वीं गवर्निंग काउंसिल की बैठक आयोजित होने जा रही है, जिसमें देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्री एवं प्रशासक हिस्सा लेंगे।
राज्यसभा चुनाव के बीच दिल्ली दौरे पर नजर
झारखंड में राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। कांग्रेस और भाजपा दोनों एक-दूसरे पर निशाना साध रहे हैं। ऐसे समय में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का दिल्ली जाना राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है। हालांकि सरकार की ओर से स्पष्ट किया गया है कि उनका यह दौरा पूरी तरह से नीति आयोग की बैठक से जुड़ा हुआ है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि राज्यसभा चुनाव के बीच मुख्यमंत्री की दिल्ली यात्रा को लेकर विभिन्न तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं, लेकिन आधिकारिक तौर पर इसका चुनावी समीकरणों से कोई संबंध नहीं बताया गया है।
नीति आयोग की बैठक में विकास योजनाओं पर होगी चर्चा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में होने वाली नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल की बैठक में राज्यों के विकास, बुनियादी ढांचे, कृषि, रोजगार, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा होने की संभावना है।
बैठक में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन झारखंड से जुड़े विभिन्न विकासात्मक मुद्दों को केंद्र सरकार के समक्ष रख सकते हैं। इसके अलावा राज्य के लिए अतिरिक्त वित्तीय सहायता, आधारभूत संरचना परियोजनाओं और आदिवासी क्षेत्रों के विकास से जुड़े विषय भी उठाए जाने की उम्मीद है।
झारखंड के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही बैठक
नीति आयोग की बैठक को झारखंड के दृष्टिकोण से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। राज्य सरकार लंबे समय से कई केंद्रीय परियोजनाओं और विशेष पैकेज की मांग करती रही है। ऐसे में मुख्यमंत्री का इस बैठक में शामिल होना राज्य के विकास से जुड़े मुद्दों को राष्ट्रीय मंच पर रखने का अवसर माना जा रहा है।
राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों दृष्टि से अहम दौरा
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का यह दिल्ली दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब झारखंड की राजनीति राज्यसभा चुनाव को लेकर गरमाई हुई है। एक ओर राजनीतिक गतिविधियां तेज हैं, वहीं दूसरी ओर नीति आयोग की बैठक में भागीदारी राज्य के विकास एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिहाज से भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि नीति आयोग की बैठक में झारखंड के लिए कौन-कौन से मुद्दे प्रमुखता से उठाए जाते हैं और केंद्र सरकार की ओर से उन पर क्या प्रतिक्रिया सामने आती है।

