पश्चिम बंगाल के सीएम सुवेंदु अधिकारी के निजी सहायक (पीए) रहे चंद्रनाथ रथ की हत्या के पांच दिन बाद पश्चिम बंगाल पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) को रविवार देर रात बड़ी सफलता मिली।
एसटीएफ ने रथ की हत्या में वांछितों में बिहार से दो और उत्तर प्रदेश से एक को गिरफ्तार किया है। देर रात पूछताछ के लिए उनको कोलकाता ले जाया गया है। सुवेंदु अधिकारी ने नौ मई को मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली है।
चंद्रनाथ रथ हत्याकांड में बंगाल पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने एक संदिग्ध को हिरासत में लिया है। इसे कोलकाता ले जाया गया है। बलिया के राज सिंह नामक युवक को अयोध्या से हिरासत में लेने की सूचना है। बताया जा रहा है कि वह पेशेवर शूटर है और घटना अंजाम देने वाली टीम से उसका संबंध हो सकता है।
बंगाल पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स एएसपी संजय वर्मा ने बताया कि अयोध्या पुलिस और कोलकाता पुलिस के संयुक्त कार्रवाई में राज सिंह को अयोध्या हाईवे के पास से पकड़ा गया है, इसका पूरा रिकार्ड खंगाला जा रहा है।
आरोपी राज सिंह बलिया का रहने वाला है और वारदात के बाद अयोध्या में छुपा था। बलिया निवासी राज सिंह भी बक्सर में ही रह रहा है। खुद को समाजसेवी कहने वाला राज सिंह बलिया के वार्ड नंबर 15 से सभासद का चुनाव भी लड़ चुका है।
पुलिस ने अयोध्या से राज सिंह को गिरफ्तार किया है, वह बलिया शहर के पुलिस लाइन से सटे आनंद नगर का रहने वाला है। बताया जा रहा है कि आरोपित को अयोध्या से उस समय पकड़ा गया, जब वह लखनऊ में आयोजित एक शादी समारोह से लौट रहा था। शूटर राज के घर जब बलिया पुलिस पहुंची तो घर के गेट पर ताला जड़ा हुआ था। उसने अपनी पढ़ाई महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ से की है। राज सिंह को स्थानीय स्तर पर राजनीतिक संरक्षण प्राप्त था।
इससे कुछ वर्ष पहले सदर कोतवाली क्षेत्र में एक अंडा बेचने वाले दुकानदार को गोली मारने के मामले में भी उसका नाम सामने आया था। उस प्रकरण में वह आरोपित रहा है। पड़ोसियों के मुताबिक देर रात कई गाड़ियों के पहुंचने की आवाज सुनाई दी थी। इसके बाद सादे कपड़ों में कुछ लोग मुहल्ले में पहुंचे और पूछताछ करने के बाद वापस लौट गए। हालांकि स्थानीय लोग खुलकर कुछ भी बोलने से बच रहे हैं।
उत्तर प्रदेश कई जिलों में हुई थी पड़ताल
चंद्रनाथ रथ हत्याकांड में शामिल आरोपितों की जानकारी एकत्र करते-करते बंगाल पुलिस की एसटीएफ को कई संदिग्ध मोबाइल नंबर की जानकारी मिली। इनकी जानकारी एकत्र करने के लिए शुक्रवार एसटीएफ की टीमें बदायूं और संभल पहुंची थीं। वहां पर दो युवकों से पूछताछ की गई। डीजीपी राजीव कृष्ण ने इसकी पुष्टि नहीं की है कि टीमें उत्तर प्रदेश में कहां गई थी। उन्होंने इतना बताया कि बंगाल एसटीएफ टीम जांच के लिए टीम यूपी आई थी और देर रात वापस लौट गई।
मयंक राज मिश्रा और विशाल श्रीवास्तव गिरफ्तार
इसके साथ ही रविवार देर रात एसटीएफ की टीम ने चंद्रनाथ रथ हत्याकांड में बिहार के बक्सर के अलग-अलग क्षेत्रों में छापेमारी दो अन्य संदिग्धों मयंक राज मिश्रा और विशाल श्रीवास्तव को भी हिरासत में लिया है। इन आरोपितों में से एक ने टोल प्लाजा पर यूपीआई से पेमेंट किया। इसी से एसटीएफ को उनकी लोकेशन ट्रैक करने में मदद मिली। इनसे फिलहाल पूछताछ की जा रही है और पुलिस इस हत्या में उनकी सही भूमिका की पुष्टि कर रही है।
उम्मीद है कि पुलिस जल्द ही एक आधिकारिक बयान जारी करेगी, जिसमें अपराध के पीछे के मकसद और जांच के अन्य निष्कर्षों का विस्तृत विवरण दिया जाएगा। बंगाल सीआईडी ने बताया कि खुफिया जानकारी के आधार पर दस मई को मयंक राज मिश्रा और विशाल श्रीवास्तव बिहार के बक्सर से और राज सिंह को अयोध्या हाईवे से हिरासत में लिया गया। सोमवार सुबह इनकी गिरफ्तारी मध्यमग्राम पुलिस स्टेशन में दिखाई गई है।
बिहार के बक्सर में मुफस्सिल थाना क्षेत्र के पांडेयपट्टी इलाके से कुख्यात अपराधी विशाल श्रीवास्तव को दबोचा गया। एसटीएफ की टीम विशाल को हिरासत में लेकर पूछताछ के लिए सीधे कोलकाता रवाना हो गई। विशाल श्रीवास्तव बक्सर का कुख्यात हिस्ट्रीशीटर और मोस्ट वांटेड अपराधी है।
छह मई की रात गोली मारकर हत्या
पश्चिम बंगाल के सीएम सुवेंदु अधिकारी के निजी सहायक चंद्रनाथ रथ की कोलकाता के उत्तरी बाहरी इलाके में छह मई की रात अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी। घटना उत्तरी 24 परगना जिले के मध्यमग्राम के डोलतला इलाके के दोहरिया में हुई, जहां रथ को चार मोटरसाइकिल पर सवार आठ हमलावरों ने बेहद करीब से गोली मारी थी। हमलावरों ने रथ की कार का पीछा किया, उसे रोका, खिड़की के शीशे ऊपर होने के बावजूद दूसरी तरफ से उन्हें गोली मार दी और हमला करने के तुरंत बाद मौके से फरार हो गए। वह ड्राइवर के बगल वाली अगली सीट पर बैठे थे। पुलिस ने जांच के दौरान कार और एक बाइक बरामद की थी। साथ ही घटना के समय मोबाइल टावर के मोबाइल का डाटा एकत्र कर उसकी जांच में दो नंबर यूपी के निकले थे। सुवेंदु अधिकारी ने इसे एक पूर्व-नियोजित हत्या करार दिया है। इसकी जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया है।

