Close Menu
कोयलाचंल संवाद

    Subscribe to Updates

    Get the latest creative news from FooBar about art, design and business.

    What's Hot

    पहले सिर्फ नंदीग्राम से लड़ना चाहते थे शुभेंदु अधिकारी… फिर अमित शाह ने बनाया प्लान, भवानीपुर में ममता बनर्जी को दी मात!

    May 5, 2026

    विक्रमशिला सेतु टूटने के बाद बढ़ी मुश्किलें, गंगा पार करने के लिए मनमाना किराया वसूल रहे नाव संचालक

    May 5, 2026

    राज्य सरकार की नई पहल, पेंशनरों को मिलेगा स्वास्थ्य बीमा का लाभ

    May 5, 2026
    Facebook X (Twitter) Instagram
    • E-Paper
    • ताजा हिंदी खबरें
    • झारखंड
    • रांची
    Facebook X (Twitter) Instagram
    कोयलाचंल संवादकोयलाचंल संवाद
    Subscribe
    • कोयलांचल संवाद
    • झारखण्ड
    • बिहार
    • राष्ट्रीय
    • बिज़नेस
    • नौकरी
    • मनोरंजन
    • अंतरराष्ट्रीय
    • खेल
    • E-Paper
      • E-paper Dhanbad
      • E-Paper Ranchi
    कोयलाचंल संवाद
    Home»Breaking News»विक्रमशिला सेतु टूटने के बाद बढ़ी मुश्किलें, गंगा पार करने के लिए मनमाना किराया वसूल रहे नाव संचालक
    Breaking News

    विक्रमशिला सेतु टूटने के बाद बढ़ी मुश्किलें, गंगा पार करने के लिए मनमाना किराया वसूल रहे नाव संचालक

    AdminBy AdminMay 5, 2026Updated:May 5, 2026No Comments3 Mins Read
    WhatsApp Facebook Twitter Copy Link Pinterest Email
    Share
    WhatsApp Facebook Twitter Copy Link Pinterest Email

    भागलपुर/पूर्णिया: बिहार में बुनियादी ढांचे की स्थिति एक बार फिर सवालों के घेरे में है। Vikramshila Setu के 133 नंबर पाया का स्लैब ध्वस्त होने के बाद गंगा नदी पर आवागमन पूरी तरह ठप हो गया है। इसका सीधा असर हजारों लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ा है। जहां एक ओर लोग नदी पार करने के लिए नाव का सहारा लेने को मजबूर हैं, वहीं दूसरी ओर नाव संचालकों की मनमानी ने आम जनता की मुश्किलों को और बढ़ा दिया है।


    🚧 पुल टूटा, जिंदगी ठप

    विक्रमशिला सेतु, जो भागलपुर और नवगछिया के बीच प्रमुख कनेक्टिविटी का साधन है, उसके क्षतिग्रस्त होने से हालात बेहद खराब हो गए हैं। खासकर बाइक चालकों और रोजाना यात्रा करने वाले लोगों के लिए यह समस्या और गंभीर हो गई है।

    जीरोमाइल से महादेवपुर घाट तक जहां टेम्पो और टोटो का किराया महज ₹20 तय है, वहीं घाट पर पहुंचते ही तस्वीर पूरी तरह बदल जाती है।


    💸 घाट पर ‘वसूली राज’

    घाट पर नाव संचालकों की मनमानी खुलकर सामने आ रही है:

    • प्रति व्यक्ति किराया ₹50
    • बाइक पार कराने के लिए ₹200 से ₹250 तक वसूली

    यह दरें तय नहीं हैं, बल्कि मौके के हिसाब से बदलती रहती हैं। यात्रियों का आरोप है कि कोई नियंत्रण या निगरानी नहीं है, जिसके कारण नाव संचालक मनमाने तरीके से पैसे वसूल रहे हैं।

    पूर्णिया से भागलपुर जा रहे एक बाइक सवार ने बताया:

    “मैं दो घंटे से इंतजार कर रहा हूं, लेकिन नाव पर बाइक चढ़ाने के लिए ₹250 मांगे जा रहे हैं। मजबूरी में देना पड़ रहा है।”


    ⚠️ ओवरलोडिंग: हादसे का खतरा

    घाट पर सबसे चिंताजनक स्थिति सुरक्षा को लेकर है।

    • नावों में क्षमता से ज्यादा यात्रियों को बैठाया जा रहा है
    • बाइक और अन्य वाहन भी एक साथ लादे जा रहे हैं
    • लाइफ जैकेट या सुरक्षा इंतजाम लगभग नदारद

    👉 प्रशासन की मौजूदगी के बावजूद यह सब खुलेआम हो रहा है, जिससे किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है।


    🏚️ पूर्णिया की तस्वीर: आज भी नाव ही सहारा

    वहीं Purnia जिले के बैसा प्रखंड में स्थिति और भी चिंताजनक है। सिमलबाड़ी घाट पर Kankai River के ऊपर पुल नहीं होने के कारण हजारों लोग आज भी नाव के सहारे जीवन गुजार रहे हैं।

    • रोजाना करीब 15,000 लोग नदी पार करते हैं
    • 7-8 पंचायतों की पूरी आवाजाही इसी घाट पर निर्भर
    • बरसात में आवागमन पूरी तरह बाधित

    🗣️ विकास से दूर ग्रामीण इलाका

    स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि आजादी के दशकों बाद भी इस इलाके में बुनियादी सुविधाएं नहीं पहुंच पाई हैं।

    • शिक्षा के लिए दूर जाना पड़ता है
    • स्वास्थ्य सुविधाएं लगभग नहीं के बराबर
    • रोजगार और बाजार के लिए रौटा बाजार ही एकमात्र विकल्प

    मुखिया प्रतिनिधि अबु अमामा बताते हैं:

    “हमारी पूरी दिनचर्या नाव और रौटा बाजार पर निर्भर है। पुल नहीं होने से हर दिन परेशानी झेलनी पड़ती है।”


    🌉 पुल की मांग, लेकिन समाधान नहीं

    ग्रामीणों ने कई बार प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से पुल निर्माण की मांग की, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई।

    👉 लोगों का कहना है कि

    • “देश मेट्रो तक पहुंच गया, लेकिन हम आज भी नाव पर निर्भर हैं।”

    यह स्थिति न सिर्फ विकास की कमी को दर्शाती है, बल्कि सरकार और प्रशासन की प्राथमिकताओं पर भी सवाल खड़े करती है।


    🧭 निष्कर्ष

    भागलपुर से लेकर पूर्णिया तक की यह तस्वीर बताती है कि आज भी देश के कई हिस्सों में बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष जारी है।

    विक्रमशिला सेतु की मरम्मत और कनकई नदी पर पुल निर्माण अब सिर्फ मांग नहीं, बल्कि जरूरत बन चुकी है।

    अगर समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो यह समस्या किसी बड़े हादसे का कारण भी बन सकती है।

    Share. WhatsApp Facebook Twitter Email Copy Link
    Admin

    Related Posts

    पहले सिर्फ नंदीग्राम से लड़ना चाहते थे शुभेंदु अधिकारी… फिर अमित शाह ने बनाया प्लान, भवानीपुर में ममता बनर्जी को दी मात!

    May 5, 2026

    राज्य सरकार की नई पहल, पेंशनरों को मिलेगा स्वास्थ्य बीमा का लाभ

    May 5, 2026

    Assam Election Result 2026: हिमंत बिस्वा सरमा की हैट्रिक तय, BJP तीसरी बार सत्ता के करीब!

    May 4, 2026
    Add A Comment
    Leave A Reply Cancel Reply

    Recent Posts
    • पहले सिर्फ नंदीग्राम से लड़ना चाहते थे शुभेंदु अधिकारी… फिर अमित शाह ने बनाया प्लान, भवानीपुर में ममता बनर्जी को दी मात!
    • विक्रमशिला सेतु टूटने के बाद बढ़ी मुश्किलें, गंगा पार करने के लिए मनमाना किराया वसूल रहे नाव संचालक
    • राज्य सरकार की नई पहल, पेंशनरों को मिलेगा स्वास्थ्य बीमा का लाभ
    • Koylanchal Samvad e-paper | 5th May | Dhanbad
    • Koylanchal Samvad e-paper | 5th May | Ranchi
    • Assam Election Result 2026: हिमंत बिस्वा सरमा की हैट्रिक तय, BJP तीसरी बार सत्ता के करीब!
    Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest Vimeo YouTube
    • E-Paper
    • Content Policy Guidelines
    • Privacy Policy
    • Terms of Use
    © 2026 Koylanchal Samvad. Designed by Aliancy Technologies.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.