रांची: महिला आरक्षण के मुद्दे पर झारखंड की राजनीति गरमा गई है। नेता प्रतिपक्ष Babulal Marandi ने मुख्यमंत्री Hemant Soren से नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने की मांग की है।
📢 मरांडी का आरोप: मिलने का समय नहीं मिला
- मरांडी ने प्रेस वार्ता कर कहा कि मुख्यमंत्री से मिलने के लिए समय मांगा गया, लेकिन नहीं मिला
- पार्टी की ओर से लगातार प्रयास के बाद भी मुलाकात नहीं हो सकी
- अंततः मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर अपनी बात रखी गई
🏛️ क्या है मुद्दा?
- केंद्र सरकार ने संसद में नारी शक्ति वंदन अधिनियम पेश किया
- इसके तहत लोकसभा और विधानसभा में 33% सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी
- झारखंड में लोकसभा सीटें 14 से बढ़कर 21 होने का अनुमान, जिसमें 7 सीटें महिलाओं के लिए
- विधानसभा सीटें 81 से बढ़कर 121 तक हो सकती हैं
⚔️ JMM का पलटवार
मरांडी के आरोपों पर Jharkhand Mukti Morcha ने तीखी प्रतिक्रिया दी।
- महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि मुख्यमंत्री के पास “निरर्थक सवालों” के लिए समय नहीं है
- सरकार सकारात्मक एजेंडे पर बातचीत के लिए हमेशा तैयार है
- विपक्ष पर महिलाओं के मुद्दे पर राजनीति करने और भ्रम फैलाने का आरोप
🏙️ नगर निकाय चुनाव का दिया उदाहरण
- JMM ने कहा कि राज्य सरकार पहले ही 33% आरक्षण लागू कर चुकी है
- ट्रिपल टेस्ट प्रक्रिया पूरी कर महिलाओं को अधिकार दिया गया
- विपक्ष के आरोपों को भ्रामक बताया
🔎 निष्कर्ष
महिला आरक्षण के मुद्दे पर झारखंड में राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। एक तरफ विशेष सत्र बुलाने की मांग है, तो दूसरी ओर सरकार इसे राजनीतिक मुद्दा बता रही है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सियासत और तेज होने के आसार हैं।

