रांची स्थित मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने जनगणना-2027 के तहत स्व-गणना (Self Enumeration) की प्रक्रिया पूरी की। इस दौरान उन्होंने राज्य के सभी नागरिकों से इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय अभियान में अपनी जिम्मेदारी निभाने और उत्साहपूर्वक भाग लेने की अपील की।
मुख्यमंत्री के साथ इस अवसर पर उनकी धर्मपत्नी और विधायक कल्पना सोरेन भी मौजूद रहीं।
जनगणना प्रक्रिया की दी गई विस्तृत जानकारी
कार्यक्रम के दौरान जनगणना से जुड़े वरिष्ठ अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को ऑनलाइन स्व-गणना पोर्टल पर पंजीकरण की पूरी प्रक्रिया से अवगत कराया। अधिकारियों ने बताया कि—
- 01 मई से 15 मई 2026 तक स्व-गणना का कार्य किया जाएगा
- इसके बाद 16 मई से 14 जून 2026 तक मकान सूचीकरण और मकान गणना होगी
- इस अभियान के तहत प्रगणक घर-घर जाकर डेटा संग्रह करेंगे
राज्य के सभी जिलों में इस कार्य के लिए प्रशासनिक तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।
“जनगणना सिर्फ आंकड़े नहीं, भविष्य की दिशा तय करने का आधार”
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि जनगणना केवल आंकड़े इकट्ठा करने का काम नहीं है, बल्कि यह आम लोगों के भविष्य को सही दिशा देने का एक महत्वपूर्ण आधार है।
उन्होंने कहा कि जनगणना के जरिए सरकार की योजनाओं को सही और पात्र लोगों तक अधिक प्रभावी ढंग से पहुंचाने में मदद मिलेगी।
क्षेत्रीय भाषाओं को प्राथमिकता देने पर जोर
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जनगणना कार्य में क्षेत्रीय भाषाओं की जानकारी रखने वाले कर्मियों को भी शामिल किया जाए, ताकि लोगों को किसी प्रकार की परेशानी न हो और प्रक्रिया अधिक सुगम बन सके।
तकनीकी रूप से सराहनीय पहल
मुख्यमंत्री ने जनगणना-2027 को तकनीकी दृष्टिकोण से एक सराहनीय पहल बताते हुए कहा कि यह डिजिटल प्रक्रिया देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने सभी नागरिकों से इस राष्ट्रीय अभियान को सफल बनाने में सहयोग करने का आह्वान किया।
ये अधिकारी रहे मौजूद
इस अवसर पर कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे, जिनमें शामिल हैं—
- प्रभात कुमार (निदेशक, जनगणना कार्य निदेशालय, भारत सरकार)
- मंजूनाथ भजंत्री (उपायुक्त, रांची)
- सुशांत गौरव (नगर आयुक्त, रांची नगर निगम)
- राहुल यादव (सहायक नगर आयुक्त)
- शेषनाथ बैठा (जिला सांख्यिकी पदाधिकारी)
- केशया आर (उप निदेशक)
- मुरारी मोहन (सहायक निदेशक)
- कौशल किशोर (सांख्यिकी अधिकारी)

