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    Home»Breaking News»विधानसभा में पेश हुआ झारखंड का 1,58,560 करोड़ का बजट, जानिए आपके लिए क्या है ख़ास ?
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    विधानसभा में पेश हुआ झारखंड का 1,58,560 करोड़ का बजट, जानिए आपके लिए क्या है ख़ास ?

    AdminBy AdminFebruary 24, 2026Updated:February 24, 2026No Comments5 Mins Read
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    Ranchi.झारखंड सरकार ने विधानसभा में वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 1.58 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश किया। इसका नाम अबुआ दिशोम बजट दिया गया है। इस बजट में युवा, महिला और किसानों पर फोकस किया गया है। झारखंड में बजट सत्र के छठवे दिन वित्त मंत्री ने बजट भाषण की शुरुआत कर दी है।

    बजट भाषण की शुरुआत में वित्त मंत्री ने झारखंड के शहीदों और महान हस्तियों को याद किया। इनमें भगवान बिरसा मुंडा के साथ ही पूर्व मुख्यमंत्री दिशोम गुरू शिबू सोरेन को भी याद किया। बजट भाषण के दौरान वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने केंद्र सरकार पर बड़ा आरोप लगाया है। वित्त मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार से मिलने वाले आर्थिक सहयोग का 5 हजार करोड़ रुपए का अभी तक भुगतान नहीं किया है। वित्त मंत्री ने कहा कि झारखंड का विकास अकेले राज्य के बस की बात नहीं है। इसमें केंद्र का आर्थिक सहयोग जरूरी है।

    वित्त मंत्री ने कहा कि अभी तक केंद्रीय करों में पांच हजार करोड़ और अनुदान का 11 हजार करोड़ अभी तक नहीं मिला। दूसरी ओर, केंद्र सरकार की अविवेकपूर्ण निर्णयों के कारण झारखण्ड के ऊपर घोर आर्थिक बोझ पड़ रहा है अथवा पड़ने वाला है।

    शिक्षा और स्वास्थ्य पर ऐलान
    सरकारी विद्यालयों के विस्तार एवं सुदृढ़ीकरण हेतु हेमन्त सरकार कृत संकल्पित है। इस सोच के साथ वित्तीय वर्ष 2026-27 में राज्य सरकार ने धनबाद में 2 तथा पलामू, लातेहार एवं गढ़वा में 1-1 कुल 5 झारखण्ड बालिका आवासीय विद्यालय के निर्माण का निर्णय लिया है।वित्तीय वर्ष 2026-27 में 100 नये उत्कृष्ट विद्यालय के संचालन का लक्ष्य रखा गया है। राज्य सरकार के विशेष पहल पर शहीद के आश्रितों के लिए एक आदर्श विद्यालय की स्थापना और संचालन की व्यवस्था की जाएगी। 17 पोलिटेकनिक संस्थान जे प्रगति योजना के तहत आइआइटी और एनआइटी के तहत विकसित होगा 750 अबुआ दवाखाना खुलेगी। लातेहार, साहेबगंज तथा सरायकेला सदर अस्पताल मेडिकल कॉलेज के रूप में होंगे विकसित।

    किसानों के लिए एलान
    उन्होंने कहा, “हमारी सरकार की मुख्य प्राथमिकता किसानों को ऋण से मुक्त करना, कृषि में समग्र विकास को बढ़ावा देना और सबसे महत्वपूर्ण किसानों की आय में वृद्धि करना रही है। उन्होंने कहा कि इसका असर भी दिखने लगा है। अद्यतन आवधिक श्रमबल सर्वेक्षण (पी०एल०एफ०एस०) के अनुसार कृषि प्रक्षेत्र में रोजगार का प्रतिशत गत तिमाही में 44.3 प्रतिशत से बढ़कर 50.4 प्रतिशत हो गया है।

    महिला किसान खुशहाली योजना’
    किसानों की आय बढ़ाने और उन्हें तकनीक से जोड़ने के लिए सरकार ने ‘महिला किसान खुशहाली योजना’ की शुरुआत की है। इस योजना के लिए 25 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिसका मुख्य उद्देश्य महिला किसानों को एकीकृत खेती (इंटीग्रेटेड फार्मिंग) और बेहतर बाजार उपलब्ध कराना है। बजट में बताया गया कि राज्य में कृषि क्षेत्र में रोजगार की भागीदारी 44.3% से बढ़कर 50.4% हो गई है।

    पंचायत और स्थानीय निकाय
    राज्य में 2 जनवरी 2026 से पेसा अधिनियम लागू कर दिया गया है। इससे ग्राम सभाओं को बालू घाटों के प्रबंधन और स्थानीय विकास योजनाओं के चयन में सीधे अधिकार प्राप्त हुए हैं। पंचम राज्य वित्त आयोग की सिफारिशों को मानते हुए स्थानीय निकायों को राज्य के शुद्ध स्व-कर राजस्व का 4% हिस्सा देने का निर्णय लिया गया है। सरकार ने सर्वजन पेंशन योजना और मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना जैसी कल्याणकारी योजनाओं को जारी रखने की प्रतिबद्धता दोहराई है। वित्त मंत्री ने इस बजट को राज्य के सर्वांगीण विकास का रोडमैप बताया है, जिसमें समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति के उत्थान पर विशेष ध्यान दिया गया है।

    पेयजल, स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा
    जल जीवन मिशन के तहत 34.46 लाख परिवारों को नल कनेक्शन मिला है। पेयजल एवं स्वच्छता पर 5,194.53 करोड़ का प्रावधान है. धान बोनस, दाल वितरण, नमक योजना, राज्य खाद्य सुरक्षा योजना और धोती-साड़ी-लुंगी वितरण पर विशेष ध्यान दिया गया है। विभागीय बजट 2,887.27 करोड़ है।

    श्रम, रोजगार और कौशल विकास
    ई-श्रम पर 98.17 लाख श्रमिक पंजीकृत हैं। कौशल विकास के तहत लाखों युवाओं को प्रशिक्षण और रोजगार अवसर प्रदान किए गए। एआई कोर्स शुरू करने की योजना है. विभागीय बजट 1,168.73 करोड़ है।

    आदिवासी, दलित और अल्पसंख्यक कल्याण
    छात्रवृत्ति, मॉडल हॉस्टल, साइकिल योजना और जनजातीय विश्वविद्यालय स्थापना जैसे कदम उठाए गए हैं। विभाग का कुल बजट 3,568.19 करोड़ है। राज्य के 29.76% क्षेत्र में वन आच्छादन है. 2.60 करोड़ पौधारोपण लक्ष्य और इको-टूरिज्म विकास योजनाओं के साथ 1,544.75 करोड़ का प्रावधान है।

    सड़क, आधारभूत संरचना और ऊर्जा
    सड़क नेटवर्क 15,066 किमी तक विस्तारित हुआ है। पथ निर्माण विभाग को 6,601.28 करोड़ और ग्रामीण कार्य विभाग को 5,081.74 करोड़ मिले हैं. ऊर्जा क्षेत्र में 200 यूनिट मुफ्त बिजली, 4,000 एमडब्ल्यू पतरातु प्लांट और नवीकरणीय ऊर्जा सब्सिडी सहित कुल 11,197.89 करोड़ का बजट है।

    उद्योग, निवेश और पर्यटन, शहरी विकास और आवास
    1,24,230 करोड़ निवेश प्रस्ताव और 45,000 रोजगार संभावनाएँ सामने आई हैं. उद्योग विभाग को 541.30 करोड़ और पर्यटन विभाग को 361.67 करोड़ का प्रावधान है.
    पीएम आवास (शहरी) सहित विभिन्न परियोजनाओं के लिए 3,919.40 करोड़ का बजट निर्धारित है. ई-गवर्नेंस पर 174.95 करोड़ और आईटी विभाग पर 328.99 करोड़ का प्रावधान है. गृह, कारा और आपदा प्रबंधन पर कुल 11,038.53 करोड़ निर्धारित हैं.

    योजना, आउटकम, बाल एवं जेंडर बजट
    कुल योजना आकार 1,00,891 करोड़ है. बाल बजट 10,793.16 करोड़ और जेंडर बजट 34,211.27 करोड़ निर्धारित है. यह बजट सामाजिक सुरक्षा, महिला सशक्तिकरण, कृषि विकास, बुनियादी ढांचा, शिक्षा, स्वास्थ्य और औद्योगिक निवेश के संतुलित विस्तार पर केंद्रित है. सरकार ने वित्तीय अनुशासन बनाए रखते हुए समावेशी और सतत विकास की दिशा में ठोस कदम बढ़ाने का प्रयास किया है.

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