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    Home»Breaking News»डीजल वैट कटौती का असर: झारखंड को 9 महीने में 269 करोड़ का राजस्व फायदा
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    डीजल वैट कटौती का असर: झारखंड को 9 महीने में 269 करोड़ का राजस्व फायदा

    AdminBy AdminFebruary 5, 2026No Comments2 Mins Read
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    झारखंड में खनन और उद्योग से संबंधित गतिविधियों के लिए मई 2025 से लेकर जनवरी 2026 के बीच औद्योगिक और खनन कंपनियों ने तेल कंपनियों से 23.58 लाख लीटर डीजल की खरीदारी की और यह खरीदारी राज्य सरकार के खजाने के लिए सुखद संदेश लेकर आया है। अनुमान के अनुसार, अब हर माह 50 करोड़ रुपये के करीब खजाने में कर के तौर पर जमा होने लगेंगे।

    ज्ञात हो कि राज्य सरकार तेल कंपनियों के माध्यम उपभोक्ताओं से वैट की वसूली करती है जिसका पूर्व में दर 22 प्रतिशत था। इससे प्रदेश में डीजल की कीमत पड़ोसी राज्यों से अधिक हो जा रही थी और थोक उपभोक्ता झारखंड के बजाय उत्तर प्रदेश के मुगलसराय और पश्चिम बंगाल के हल्दिया डिपो से खरीदारी को महत्व देने लगे थे।

    राज्य सरकार ने अप्रैल माह में निर्णय लिया कि झारखंड में थोक बिक्री पर वैट की दरों में कमी की जाए और इसे पड़ोसी राज्यों के समकक्ष रखा जाए। इस निर्णय के पूर्व तेल कंपनियों और उपभोक्ताओं के प्रतिनिधियों के साथ बैठकें भी आयोजित हुईं और वैट की दर कम करने का निर्णय लिया गया। इस निर्णय का असर अब दिखने लगा है।

    सरकार की ओर से राहत दिए जाने के बाद झारखंड के औद्योगिक उपभोक्ताओं ने प्रदेश के डिपो से ही डीजल की खरीदारी की शुरुआत कर दी है और अब नतीजा सबके सामने है। शुरुआती महीनों में कुछ झिझक हुई जिस कारण से खरीदारी कम हुई। इसके बाद मई 2025 से लेकर जनवरी 2026 तक झारखंड के थोक उपभोक्ताओं ने 23.58 करोड़ लीटर डीजल की खरीदारी झारखंड स्थित डिपो से की।

    इसके माध्यम से राज्य सरकार को 269.52 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ। आनेवाले दिनों में खरीदारी बढ़ने का अनुमान भी लगाया जा रहा है। वाणिज्य कर विभाग के सूत्रों के अनुसार इससे राज्य सरकार को औसतन 50 करोड़ रुपये का राजस्व हर माह मिलेगा।

    किसने कितना डीजल बेचा सरकार को प्राप्त कर

    कंपनी का नाम मात्रा (किलोलीटर) मूल्य (करोड़ ₹)
    इंडियन आयल कारपोरेशन 1,95,005 221.61
    भारत पेट्रोलियम 35,181 41.12
    हिंदुस्तान पेट्रोलियम 4,941 5.98
    रिलायंस लिमिटेड 684 0.79
    कुल 2,35,811 269.50
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