Close Menu
कोयलाचंल संवाद

    Subscribe to Updates

    Get the latest creative news from FooBar about art, design and business.

    What's Hot

    9 मई को टैगोर जयंती पर BJP सरकार का शपथ ग्रहण! बंगाल में ऐतिहासिक जीत के बाद CM चेहरे पर सस्पेंस

    May 5, 2026

    रांची में ओवरलोड स्कूल वैन पर बड़ी कार्रवाई: DTO और ट्रैफिक DSP का सख्त अभियान, भारी जुर्माना

    May 5, 2026

    रांची में मौसम का कहर! तेज आंधी-बारिश से शहर पानी-पानी, 5° तक गिरा तापमान—ऑरेंज अलर्ट जारी

    May 5, 2026
    Facebook X (Twitter) Instagram
    • E-Paper
    • ताजा हिंदी खबरें
    • झारखंड
    • रांची
    Facebook X (Twitter) Instagram
    कोयलाचंल संवादकोयलाचंल संवाद
    Subscribe
    • कोयलांचल संवाद
    • झारखण्ड
    • बिहार
    • राष्ट्रीय
    • बिज़नेस
    • नौकरी
    • मनोरंजन
    • अंतरराष्ट्रीय
    • खेल
    • E-Paper
      • E-paper Dhanbad
      • E-Paper Ranchi
    कोयलाचंल संवाद
    Home»झारखण्ड»कोरोना के बाद ब्‍लैक फंगस का कहर, जानिए क्‍या है ब्‍लैक फंगस और कैसे बचें
    झारखण्ड

    कोरोना के बाद ब्‍लैक फंगस का कहर, जानिए क्‍या है ब्‍लैक फंगस और कैसे बचें

    Koylanchal SamvadBy Koylanchal SamvadMay 11, 2021No Comments3 Mins Read
    WhatsApp Facebook Twitter Copy Link Pinterest Email
    Share
    WhatsApp Facebook Twitter Copy Link Pinterest Email

    रांची : झारखंड में तेजी से फैल रहे कोरोना वायरस के बीच ब्लैक फंगल इंफेक्शन का खतरा तेजी से बढ़ने लगा है। शनिवार को पहला मरीज भरती होने के बाद सोमवार को तीन और मरीजों को ब्लैक फंगल इंफेक्शन के कारण मेडिका में भरती कराया गया है। एक मरीज रामगढ़, दूसरा रांची और एक मरीज इटखोरी का है।

    भरती होने वाले दो मरीजों की आंख की रोशनी फंगस के कारण जा चुकी है। वहीं चौथे मरीज के आंख को बचाने का प्रयास डॉक्टर कर रहे हैं। इस तरह अब राज्य में ब्लैक फंगस इंफेक्शन के मरीजों की संख्या चार हो गई है। कोरोना के इलाज में स्टेरॉयड और एंटीबायोटिक दवाएं के हाइडोज देना पड़ रहा है, ऐसे में कमजोर प्रतिरोध क्षमता वाले मरीजों को ब्लैक फंगस (म्यूकरमायकोसिस) इंफेक्शन का खतरा बढ़ने लगा है।

    क्‍या है ब्‍लैक फंगस?

    म्यूकोरमाइकोसिस शरीर में बहुत तेजी से फैलने वाला एक तरह का फंगल इंफेक्शन है। इसे ब्लैक फंगस भी कहा जाता है। म्यूकोरमाइकोसिस इंफेक्शन या ब्‍लैक फंगस मरीज के दिमाग, फेफड़े या फिर स्किन पर भी अटैक कर सकता है। इस बीमारी में कई मरीजों के आंखों की रोशनी चली जाती है वहीं कुछ मरीजों के जबड़े और नाक की हड्डी गल जाती है। अगर समय रहते इसे कंट्रोल न किया गया तो इससे मरीज की मौत भी हो सकती है।

     ब्‍लैक फंगल इंफेक्‍शन के लक्षण 

    – आंखों और नाक के पास लाल‍िमा
    – बुखार
    – स‍िरदर्द
    – खांसी
    – सांस लेने में तकलीफ
    – खून भरी उलटी
    – मानस‍िक स्‍थित‍ि में बदलाव

    चेहरे के एक हिस्से में सूजन ब्लैक फंगस के लक्षण

    चेहरे के एक हिस्से में सूजन और आंखाें का बंद हाेना। नाक बंद हाेना। नाक के नजदीक सूजन, मसूड़ाें में सूजन, पस पड़ना, दांताें का ढीला हाे जाना। तालू की हड्डी का काला हाे जाना। आंखें लाल हाेना। राेशनी कम हाेना।

    आंखों पर पड़ रहा घातक प्रभाव- डॉ. अनिंद्या अनुराधा

    मेडिका की आई स्पेशलिस्ट डॉ अनिंद्या अनुराधा ने बताया कि इस संक्रमण के घातक परिणाम देखने को मिल रहे हैं। पहले मरीज की जान बचाने के लिए उसके आंख निकालनी पड़ा। मरीज की जबड़े तक की सर्जरी करनी पड़ रही है। तीनों नए मरीजों के संक्रमण की जांच की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि संक्रमण कहां तक फैला है। ऐसे मरीजों में देखा जा रहा है कि पोस्ट कोविड मरीज में लिंफोसाइट काउंट कम हो जाता है। इससे इम्यून सिस्टम कमजोर हो जाता है और मरीज आसानी से सेकंडरी इंफेक्शन की चपेट में आ जाते हैं। अगर यह ब्रेन में पहुंच जाए तो जान पर भारी पड़ता है।

    ब्लैक फंगस से कैसे बचें

    • ​​​​ये फंगस कम ऑक्सीजन में पनपता है, इसलिए नाक से सांस लें। शुगर लेवल मेंटेन रखें। शुगर बढ़ रहा है तो कंट्रोल करें।
    • एंटीसेप्टिक जैसे बिटाडीन का सॉल्यूशन बनाकर दो-तीन बूंद नाक में डालते रहें। यह अंदर फंगस के फैलाव को रोक देता है।

    ब्लैक फंगस में सर्जरी ही एकमात्र इलाज

    ब्लैक फंगल से पीड़ित मरीज की जान बचाने के लिए संक्रमित हिस्से काे निकालना ही बीमारी का एकमात्र इलाज है। ब्लैक फंगल से संक्रमित हिस्से काे नहीं निकालने पर वह रक्तवाहिकाओं का ब्लड नहीं पहुंचने देता। संक्रमण बढ़ता रहता है। मरीज की माैत तक हाे सकती है।

    कोरोना के बाद क्‍यों हो रही है म्यूकोरमाइकोसिस या ब्‍लैक फंगस की समस्‍या 

    – शुगर की समस्‍या का कंट्रोल में न होना
    – स्‍टीरॉयड्स की वजह से शरीर की प्रत‍िरोधक क्षमता में बदलाव
    – आईसीयू में काफी समय तक एडम‍िट रहा
    – Voriconazole थेरेपी

    Share. WhatsApp Facebook Twitter Email Copy Link
    Koylanchal Samvad
    • Website
    • Facebook
    • Instagram

    Related Posts

    रांची में ओवरलोड स्कूल वैन पर बड़ी कार्रवाई: DTO और ट्रैफिक DSP का सख्त अभियान, भारी जुर्माना

    May 5, 2026

    रांची में मौसम का कहर! तेज आंधी-बारिश से शहर पानी-पानी, 5° तक गिरा तापमान—ऑरेंज अलर्ट जारी

    May 5, 2026

    राज्य सरकार की नई पहल, पेंशनरों को मिलेगा स्वास्थ्य बीमा का लाभ

    May 5, 2026
    Add A Comment

    Comments are closed.

    Recent Posts
    • 9 मई को टैगोर जयंती पर BJP सरकार का शपथ ग्रहण! बंगाल में ऐतिहासिक जीत के बाद CM चेहरे पर सस्पेंस
    • रांची में ओवरलोड स्कूल वैन पर बड़ी कार्रवाई: DTO और ट्रैफिक DSP का सख्त अभियान, भारी जुर्माना
    • रांची में मौसम का कहर! तेज आंधी-बारिश से शहर पानी-पानी, 5° तक गिरा तापमान—ऑरेंज अलर्ट जारी
    • पहले सिर्फ नंदीग्राम से लड़ना चाहते थे शुभेंदु अधिकारी… फिर अमित शाह ने बनाया प्लान, भवानीपुर में ममता बनर्जी को दी मात!
    • विक्रमशिला सेतु टूटने के बाद बढ़ी मुश्किलें, गंगा पार करने के लिए मनमाना किराया वसूल रहे नाव संचालक
    • राज्य सरकार की नई पहल, पेंशनरों को मिलेगा स्वास्थ्य बीमा का लाभ
    Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest Vimeo YouTube
    • E-Paper
    • Content Policy Guidelines
    • Privacy Policy
    • Terms of Use
    © 2026 Koylanchal Samvad. Designed by Aliancy Technologies.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.