झारखंड में वर्ष 2024 में आयोजित JSSC-CGL परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जांच कर रही झारखंड पुलिस की अपराध अनुसंधान विभाग (CID) की टीम ने शुक्रवार को चार सफल अभ्यर्थियों को गिरफ्तार किया। जांच एजेंसी की यह कार्रवाई भर्ती परीक्षा में कथित गड़बड़ी की जांच के तहत की गई है। इससे पहले गुरुवार को भी CID ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया था। वहीं, मामले के मुख्य आरोपी बताए जा रहे अभय तिवारी, उनकी पत्नी और भाई को जुलाई के अंत और अगस्त की शुरुआत में गिरफ्तार किया जा चुका है।
CID की ओर से की जा रही जांच के दौरान अब उन अभ्यर्थियों पर भी कार्रवाई की जा रही है, जिन्होंने कथित तौर पर JSSC-CGL परीक्षा में सफलता हासिल की थी। शुक्रवार को चार सफल अभ्यर्थियों की गिरफ्तारी इसी जांच का हिस्सा है। इससे एक दिन पहले गुरुवार को भी जांच एजेंसी ने मामले से जुड़े दो आरोपियों को गिरफ्तार किया था।
मुख्य आरोपी अभय तिवारी समेत तीन की पहले हो चुकी है गिरफ्तारी
इस मामले में जांच एजेंसी ने जुलाई के अंत और अगस्त की शुरुआत में कथित तौर पर मुख्य आरोपी अभय तिवारी को गिरफ्तार किया था। इसके अलावा उसकी पत्नी और भाई को भी गिरफ्तार किया जा चुका है। CID अब पूरे मामले में परीक्षा से जुड़े कथित नेटवर्क, अभ्यर्थियों की भूमिका और अनियमितताओं के पीछे की पूरी कड़ी की जांच कर रही है।
सरकार ने कई भर्ती परीक्षाएं रद्द की थीं
झारखंड सरकार ने इससे पहले नौकरी के इच्छुक अभ्यर्थियों के विरोध-प्रदर्शन के बाद कई भर्ती परीक्षाओं को रद्द करने की घोषणा की थी। इनमें JSSC-CGL-2023 भी शामिल थी, जिसकी परीक्षा 21 और 22 सितंबर 2024 को आयोजित की गई थी। अभ्यर्थियों ने परीक्षा में कथित अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन किया था। इसके बाद सरकार ने विवाद को शांत करने और मामले में कार्रवाई के तहत कई भर्ती परीक्षाओं को रद्द करने का फैसला लिया था।