हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस एमएस सोनक और जस्टिस राजेश शंकर की अदालत में राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) के कोडरमा से मेघतारी तक फोर-लेन परियोजना को लेकर दाखिल जनहित याचिका पर गुरुवार को सुनवाई हुई।
मामले में अदालत ने एनएचएआई, झारखंड सरकार और बिहार सरकार को संयुक्त रूप से मिलकर राज्य वन्यजीव बोर्ड की ओर से सुझाए गए वैकल्पिक मार्ग कोडरमा से रजौली प्रोजेक्ट को पूरा करने को कहा है।
अप्रूवल के लिए एनएचएआई हेड क्वार्टर के पास भेजा
सरकार की ओर से अदालत को बताया गया कि डीपीआर बन चुका है इसके अप्रूवल के लिए एनएचएआई हेड क्वार्टर के पास भेजा गया है। अदालत ने इस प्रोजेक्ट को आपसी समन्वय से पूरा करने का निर्देश दिया। अगली सुनवाई सितंबर माह में होगी।
पूर्व की सुनवाई में एनएचएआई की ओर से अदालत को बताया गया था कि राज्य वन्यजीव बोर्ड ने कोडरमा से मेघतारी तक फोर-लेनिंग की परियोजना को मंजूरी देने से इनकार कर दिया है, क्योंकि प्रस्तावित मार्ग कोडरमा वन्यजीव अभ्यारण्य को प्रभावित करता है। वन्यजीव बोर्ड ने इसके बदले एक वैकल्पिक मार्ग सुझाया है, जिससे अभ्यारण्य को नुकसान नहीं पहुंचेगा। वैकल्पिक मार्ग की डीपीआर बनाई जाएगी।

