झारखंड शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (जेसीईआरटी) में उपनिदेशक के पांच पदों का पुनर्गठन किया गया है। साथ ही इन पदों के विरुद्ध नियुक्ति में आरक्षण रोस्टर लागू करने का निर्णय लिया गया है।
विभागीय मंत्री के रूप में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने पदों के पुनर्गठन पर अपनी स्वीकृति प्रदान कर दी है। इसके तहत उपनिदशेक-अकादमिक के दो पदों में एक पद अनारक्षित रखा गया है, जबकि एक पद अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित किया गया है।
उपनिदेशक-प्रशासनिक के एक पद को अनारक्षित श्रेणी में रखा गया है। इन दोनों पदों पर संविदा पर नियुक्ति होगी। मुख्यमंत्री की स्वीकृति मिलने के बाद जेसीईआरटी ने इन पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया शुरू कर दी है।
उपनिदेशक के दो अन्य पदों के लिए भी आरक्षण रोस्टर लागू करने का निर्णय लिया है। इनमें एक पद अनारक्षित होगा, जबकि एक पद अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित किया गया है। इन दोनों पदों पर राज्य शिक्षा सेवा के पदाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की जाएगी।
उपनिदेशक-अकादमिक तथा उपनिदेशक-प्रशासनिक के पदों पर संविदा पर नियुक्ति एक वर्ष के लिए होगी। सेवा संतोषजनक पाए जाने के बाद एक-एक वर्ष के लिए अधिकतम तीन वर्ष अवधि विस्तार मिल सकेगा। उपनिदेशक-अकादमिक के पदों पर नियुक्ति के लिए अन्य योग्यता के अलावा पीएचडी होना अनिवार्य है।
जेसीईआरटी या एनसीईआरटी में तीन वर्षों तक पाठ्यक्रम निर्माण आदि कार्य करने का अनुभव रखनेवाले अभ्यर्थियों को वरीयता दी जाएगी। वहीं, उपनिदेशक-प्रशासनिक के पदों पर भारतीय प्रशासनिक सेवा या राज्य प्रशासनिक सेवा के सेवानिवृत्त पदाधिकारी की नियुक्ति हो सकेगी।
नियुक्ति के लिए अधिकतम आयु 62 वर्ष निर्धारित की गई है। जेसीईआरटी ने आवेदन प्राप्त होने की अंतिम तिथि 30 जुलाई निर्धारित की है।

