रामगढ़: झारखंड के रामगढ़ जिले के रजरप्पा थाना क्षेत्र में शुक्रवार देर रात हुए भीषण सड़क हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़कर 8 हो गई है। हादसे में गंभीर रूप से घायल एक व्यक्ति, जिसे बेहतर इलाज के लिए रांची के रिम्स (RIMS) भेजा गया था, उसने भी इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। इसकी पुष्टि मृतक के परिजनों ने की है। इस दर्दनाक हादसे के बाद पूरे इलाके में शोक का माहौल है।
कोयला लदे ट्रक ने सवारी वाहन को मारी टक्कर
यह हादसा रामगढ़-बोकारो मुख्य मार्ग (NH-23) पर लारी-बरलौंग के पास हुआ। जानकारी के अनुसार, कोयला लदा एक तेज रफ्तार ट्रक ओवरटेक करने के दौरान सवारी वाहन से जा टकराया। टक्कर इतनी भीषण थी कि सवारी वाहन के परखच्चे उड़ गए और उसमें सवार सभी आठ लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
स्थानीय लोगों, रजरप्पा थाना पुलिस और अन्य पुलिसकर्मियों ने सभी घायलों को तत्काल रामगढ़ सदर अस्पताल पहुंचाया, जहां सात लोगों को मृत घोषित कर दिया गया था। एक गंभीर घायल को रांची के रिम्स रेफर किया गया, जहां उसकी भी मौत हो गई।
बैंड-ताशा पार्टी के सदस्य थे सभी
मृतक बैंड-ताशा पार्टी से जुड़े हुए थे। वे एक कार्यक्रम में शामिल होने के बाद मारगमर्चा गांव से बलसगरा लौट रहे थे। रास्ते में यह दर्दनाक हादसा हो गया।
अब तक जिन मृतकों की पहचान हुई है, उनमें—
- हेमंत कुमार महतो
- अनोत कुमार
- पप्पू करमाली
शामिल हैं। ये सभी रजरप्पा थाना क्षेत्र के मारगमर्चा गांव के निवासी बताए जा रहे हैं। अन्य मृतकों की पहचान की प्रक्रिया जारी है।
सिविल सर्जन ने की पुष्टि
रामगढ़ सदर अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. अनिल कुमार ने बताया कि दुर्घटना में कुल आठ लोगों को अस्पताल लाया गया था। सात लोगों की मौके पर ही मौत हो चुकी थी, जबकि एक घायल को गंभीर हालत में रांची रेफर किया गया था, जिसने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
ट्रक के रॉन्ग साइड में आने की आशंका
रामगढ़ एसडीपीओ आलोक रंजन ने बताया कि प्रारंभिक जांच में ट्रक के रॉन्ग साइड में जाकर सवारी वाहन को टक्कर मारने की बात सामने आई है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा रहा है।
हादसे के बाद लोगों का फूटा गुस्सा
दुर्घटना के बाद आक्रोशित ग्रामीणों और मृतकों के परिजनों ने रामगढ़-बोकारो मुख्य मार्ग (NH-23) को जाम कर दिया। लोगों ने लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं पर नाराजगी जताते हुए प्रशासन से स्थायी सुरक्षा उपायों की मांग की। प्रशासन और पुलिस अधिकारियों के समझाने के बाद जाम हटाया गया और यातायात सामान्य कराया गया।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने जताया दुख
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इस दर्दनाक हादसे पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा कि रामगढ़-बोकारो मार्ग पर लारी-बरलौंग के पास हुए सड़क हादसे में लोगों की मौत की खबर से वे बेहद दुखी हैं।
मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में लिखा कि मरांग बुरु दिवंगत आत्माओं को शांति प्रदान करें और शोकाकुल परिवारों को इस कठिन समय में दुख सहने की शक्ति दें।

चार दिन में 10 मौतों से उठे सवाल
स्थानीय लोगों का कहना है कि लारी-बरलौंग क्षेत्र अब दुर्घटनाओं का ब्लैक स्पॉट बनता जा रहा है। एक ही स्थान पर चार दिनों के भीतर 10 लोगों की मौत ने सड़क सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। लोगों ने इस मार्ग पर ठोस सुरक्षा इंतजाम और प्रभावी ट्रैफिक प्रबंधन की मांग की है।

