रांची : झारखंड की राजधानी रांची के धुर्वा स्थित जेएससीए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में मंगलवार शाम झारखंड प्रीमियर लीग (जेपीएल) के फाइनल मुकाबले के दौरान उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब मैच देखने के लिए उम्मीद से कहीं अधिक संख्या में क्रिकेट प्रेमी स्टेडियम पहुंच गए। अचानक बढ़ी भीड़ को नियंत्रित करने में सुरक्षा व्यवस्था नाकाम साबित हुई, जिसके कारण वेस्ट गेट पर भगदड़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई। घटना में कई दर्शकों के घायल होने की सूचना है। जानकारी के अनुसार, फाइनल मुकाबले को लेकर क्रिकेट प्रेमियों में जबरदस्त उत्साह था। दोपहर से ही दर्शकों का स्टेडियम पहुंचना शुरू हो गया था। मैच शुरू होने के समय तक वेस्ट गेट पर हजारों लोगों की भीड़ जमा हो गई। प्रवेश द्वार पर सुरक्षा जांच और टिकट सत्यापन की प्रक्रिया धीमी होने के कारण लंबी कतारें लग गईं। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, पीछे से लगातार बढ़ते भीड़ के दबाव के कारण गेट के पास धक्का-मुक्की शुरू हो गई, जिसने कुछ ही देर में भगदड़ का रूप ले लिया। इस दौरान कई लोग गिर पड़े और उन्हें चोटें आईं। कुछ दर्शकों को मामूली चोटें लगीं, जबकि कुछ के गंभीर रूप से घायल होने की भी सूचना मिली है। घटना के बाद वहां मौजूद लोगों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भारी नाराजगी देखने को मिली। दर्शकों का आरोप था कि भीड़ नियंत्रण के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए थे और सुरक्षा कर्मी स्थिति को संभालने में विफल रहे। लंबे इंतजार और अव्यवस्था से नाराज लोगों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। आक्रोशित भीड़ ने सुरक्षा घेरे को तोड़ते हुए वेस्ट गेट पर धावा बोल दिया। इस दौरान बैरिकेडिंग और गेट के एक हिस्से को क्षतिग्रस्त कर दिया गया। कुछ देर तक स्टेडियम परिसर के बाहर हंगामे की स्थिति बनी रही। सूचना मिलने पर अतिरिक्त पुलिस बल और सुरक्षा कर्मियों को मौके पर तैनात किया गया, जिसके बाद स्थिति को नियंत्रित किया जा सका।
घटना के कारण स्टेडियम के बाहर काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। हालांकि मैच का आयोजन जारी रहा, लेकिन इस घटना ने बड़े आयोजनों में सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन की तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन और आयोजन समिति की ओर से मामले की समीक्षा किए जाने की बात कही जा रही है।

