नीट यूजी की ‘महापरीक्षा’ रविवार को आयोजित की गई। जिसमें 20 लाख से ज्यादा स्टूडेंट्स की भागीदारी रही है। पेपर लीक होने के कारण 3 मई को हुई परीक्षा रद्द करने के बाद 21 जून को दोबारा परीक्षा हुई, जिसमें अब तक के सबसे कड़े सुरक्षा बंदोबस्त देखने को मिले हैं। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) का दावा है कि पूरे देश में 5440 परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा हुई।
21 जून का नीट पेपर कैसा था?
3 मई और 21 जून के नीट री-एग्जाम के प्रश्नपत्र में क्या अंतर रहा, इसे लेकर छात्रों की मिलीजुली प्रतिक्रिया देखने को मिली है। ज्यादातर छात्रों ने कहा कि बायोलॉजी का पेपर तो आसान था लेकिन फिजिक्स और केमिस्ट्री के पेपर में कुछ मुश्किल सवाल थे। एक कैंडिडेट ने कहा कि पेपर अच्छा था। सारा पेपर NCERT से आया था। वहीं एक छात्र ने कहा कि फिजिक्स थोड़ी मुश्किल आई थी।
एक कैंडिडेट ने ने री-एग्जाम होने के बाद कहा कि पिछली बार के मुकाबले मुश्किल पेपर था। कट ऑफ कम रहनी चाहिए। कुछ ने कहा कि बायोलॉजी आसान थी लेकिन फिजिक्स, केमिस्ट्री मॉडरेट थी। कुछ ने कहा कि इस बार फिजिक्स टफ थी और 3 मई को फिजिक्स के सवाल कुछ आसान आए थे।
नीट के चलते PM मोदी ने एयरपोर्ट पर किया 45 मिनट तक इंतजार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर कोलकाता में हुए समारोह में भाग लेने के बाद रविवार की दोपहर 1.15 पर दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचे, वहां से तुरंत लोक कल्याण मार्ग स्थित अपने आवास रवाना होने के बजाय वहीं रुके रहे। उन्होंने एयरपोर्ट पर ही 2 बजे तक इंतजार किया। दरअसल नीट की परीक्षा देने जा रहे छात्रों को कोई दिक्कत न हो, इसके लिए प्रधानमंत्री ने एयरपोर्ट पर ही इंतजार किया।
दोपहर 2 बजे नीट परीक्षा शुरू हुई और प्रधानमंत्री 2 बजे परीक्षा शुरू होने के बाद ही अपने आवास के लिए रवाना हुए। दरअसल जब बड़ी की संख्या में बच्चे परीक्षा केंद्रों की तरफ से जा रहे हों तो ऐसे समय में किसी सड़क पर प्रधानमंत्री के काफिले के गुजरने के चलते छात्रों को दिक्कत न हो, इसी को ध्यान में रखते हुए पीएम ने एयरपोर्ट पर ही इंतजार किया। एनटीए ने भी प्रधानमंत्री पीएम के काफिले की आवाजाही के लिए अक्सर तय रास्तों पर ट्रैफिक मैनेजमेंट और अस्थायी पाबंदियों की जरूरत होती है।
दुर्घटना में 9 पसलियां टूटी, वेंटिलेटर पर रही नीट छात्रा, सरकार ने किए खास इंतजाम
कठिन परिस्थितियों के बीच अपने सपनों को पूरा करने के संकल्प और सरकार के सहयोग की एक प्रेरणादायक मिसाल सामने आई है। एक गंभीर सड़क दुर्घटना में घायल हुई NEET-UG अभ्यर्थी सृष्टि दुबे ने विशेष चिकित्सा व्यवस्थाओं के साथ रविवार को परीक्षा दी।
एक हफ्ते पहले सृष्टि एक गंभीर सड़क दुर्घटना का शिकार हो गई थीं और उसकी 9 पसलियां टूट गई थी। फेफड़ों में भी चोट लगी थी और कुछ समय के लिए वेंटिलेटर पर भी रही। बड़ी सर्जरी और उपचार के बावजूद देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा में शामिल होने का दृढ़ निश्चय बनाए रखा। एक सड़क हादसे में घायल हुई छात्रा के लिए परीक्षा केंद्र पर विशेष व्यवस्था की गई।
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के निर्देश के बाद यह कदम उठाया गया। छात्रा के पिता ने मदद की अपील की थी, जिसे स्वीकार कर लिया गया। गंभीर चोटों के बावजूद सृष्टि दुबे ने हार नहीं मानी। 9 पसलियां टूटने और वेंटिलेटर से बाहर आने के बाद भी वह कोलकाता में NEET परीक्षा देने पहुंचीं।
परिवार के अनुरोध पर परीक्षा केंद्र में विशेष व्यवस्थाएं की गईं और उसे परीक्षा देने के लिए एक अलग कमरा उपलब्ध कराया गया, जहां आवश्यक चिकित्सा सहायता की व्यवस्था की गई। साथ ही किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए एक एम्बुलेंस और मेडिकल टीम को भी स्टैंडबाय रखा गया।

