पटना. झारखंड राज्यसभा चुनाव के बाद महागठबंधन के भीतर दरार खुलकर सामने आने लगी है. कांग्रेस ने राष्ट्रीय जनता दल पर बड़ा हमला बोलते हुए आरोप लगाया है कि झारखंड ही नहीं, बिहार विधानसभा चुनाव में भी उसके साथ दगा हुआ. कांग्रेस प्रवक्ता असित नाथ तिवारी ने दावा किया कि ‘हमारे रहबर ने ही हमारी राहजनी की’ और केस-मुकदमों के दबाव में समझौता किया गया. कांग्रेस प्रवक्ता ने RJD पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि महागठबंधन के भीतर भरोसे को तोड़ा गया है और कांग्रेस के साथ विश्वासघात हुआ है.
हमारे रहबर ने ही हमारी राहजनी की
कांग्रेस प्रत्याशी की हार से भड़की कांग्रेस ने आरजेडी के शीर्ष नेतृत्व की नीयत पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं. असित नाथ तिवारी ने कहा कि जिसे हम अपना नेता और सहयोगी मानकर चल रहे थे, उसी ने हमें राजनीतिक रूप से लूटने का काम किया है. उन्होंने कहा कि केस-मुकदमों के डर से बीजेपी के साथ कर ली सीक्रेट ‘डील’असित नाथ तिवारी ने अपने बयान में आरजेडी की सबसे कमजोर नस पर हाथ रखते हुए एक बहुत बड़ा राजनीतिक आरोप मढ़ दिया है. उन्होंने कहा, आरजेडी के लोग किसके दबाव में हैं और उन्हें किसका डर सता रहा है, यह बात अब किसी से छिपी नहीं है.
केंद्रीय जांच एजेंसियों (CBI-ED) और अदालतों में चल रहे केस-मुकदमों के डर से आरजेडी के शीर्ष नेतृत्व ने परदे के पीछे दबाव में आकर बीजेपी के साथ बड़ी डील कर ली है . कांग्रेस प्रवक्ता ने दावा किया कि इसी गुप्त डील के तहत आरजेडी ने राज्यसभा चुनाव में अपने विधायकों के वोट विपक्षी खेमे की तरफ ट्रांसफर करवाए, ताकि वे खुद को केंद्रीय एजेंसियों के कोपभाजन से बचा सकें.
बिहार विधानसभा चुनाव में भी दिया गया दगा
असित नाथ तिवारी ने साफ कहा कि यह दगाबाजी केवल हालिया राज्यसभा चुनाव तक सीमित नहीं है. यह एक कड़वा सच है कि बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान भी राष्ट्रीय जनता दल ने सोची-समझी रणनीति के तहत कांग्रेस की मजबूत सीटों पर भितरघात किया और गठबंधन धर्म को कलंकित करते हुए दगा दिया. कांग्रेस के इस बयान से साफ है कि वह अब आरजेडी के ‘बड़े भाई’ वाले रवैये और चुनावी ब्लैकमेलिंग के सामने झुकने को तैयार नहीं है.

