जमीन फर्जीवाड़ा मामले में तत्कालीन राजस्वकर्मी भानु प्रताप प्रसाद को बड़ी राहत मिली है. उसे सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल गई है. भानु प्रताप प्रसाद तीन साल बाद जेल से बाहर आएंगे. भानु प्रताप प्रसाद पर बड़गांई अंचल कार्यालय के कागजात से छेड़छाड़ करने और सरकारी दस्तावेज को अपने घर में रखने का आरोप है. तत्कालीन सीओ मनोज कुमार ने 1जून 2023 को सदर थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई थी. जमीन फर्जीवाड़ा से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले के तीन अलग-अलग मामले में भी भानु प्रताप प्रसाद आरोपी है. सेना के कब्जे वाली 4.55 एकड़ चेशायर होम स्थित 1 एकड़ जमीन और बड़गांई के 8.86 एकड़ जमीन फर्जीवाड़ा मामले में ईडी ने प्राथमिकी दर्ज की है. इन सभी मामले में भानु प्रताप प्रसाद को जमानत मिल चुकी है.

