साहिबगंज: मालदा रेल मंडल के बरहड़वा रेलवे स्टेशन पर रेलवे सुरक्षा बल (RPF) को बड़ी सफलता हाथ लगी है। गुप्त सूचना के आधार पर चलाए गए विशेष जांच अभियान में आरपीएफ ने वनांचल एक्सप्रेस से करीब 59 लाख रुपये मूल्य के 174 एंड्रॉयड मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इस मामले में दो युवकों को गिरफ्तार किया गया है। बरामद मोबाइल फोन की संख्या और उनकी कीमत को देखते हुए यह कार्रवाई हाल के दिनों में रेलवे सुरक्षा बल की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक मानी जा रही है।
वहीं दूसरी ओर, साहिबगंज जिले के राजमहल क्षेत्र में साइबर अपराधियों ने एक युवती के बैंक खाते से 90 हजार रुपये की ठगी कर ली। दोनों घटनाओं ने जिले में सुरक्षा और साइबर अपराध को लेकर नई चिंता पैदा कर दी है।
गुप्त सूचना पर आरपीएफ ने बिछाया जाल
जानकारी के अनुसार, बीते गुरुवार को आरपीएफ को सूचना मिली थी कि अप वनांचल एक्सप्रेस (13403) से दो व्यक्ति बड़ी संख्या में मोबाइल फोन लेकर बरहड़वा की ओर आ रहे हैं। सूचना मिलते ही आरपीएफ निरीक्षक संजीव कुमार के नेतृत्व में विशेष टीम का गठन किया गया।
टीम ने गुमानी स्टेशन से लेकर बरहड़वा स्टेशन तक ट्रेन में विशेष जांच अभियान चलाया। जांच के दौरान जनरल कोच संख्या ER-104464 में यात्रा कर रहे दो संदिग्ध युवकों को रोका गया और उनके सामान की तलाशी ली गई।
बैग से मिले 174 एंड्रॉयड मोबाइल
तलाशी के दौरान दोनों युवकों के बैग से कुल 174 पुराने एंड्रॉयड मोबाइल फोन बरामद हुए। मोबाइलों की संख्या देखकर आरपीएफ टीम भी हैरान रह गई।
प्रारंभिक जांच में बरामद मोबाइल फोन की अनुमानित बाजार कीमत 58 लाख 95 हजार 878 रुपये आंकी गई है। मोबाइल फोन के संबंध में संतोषजनक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जाने पर दोनों युवकों को हिरासत में ले लिया गया।
मालदा के रहने वाले हैं दोनों आरोपी
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान पश्चिम बंगाल के मालदा जिले के कालियाचक निवासी मो. नासरुद्दीन (28 वर्ष) और मो. रहमत शेख (23 वर्ष) के रूप में हुई है।
आरपीएफ अधिकारियों के अनुसार दोनों युवकों से मोबाइल फोन के स्रोत, खरीद-बिक्री और परिवहन के संबंध में पूछताछ की जा रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए दोनों आरोपियों को रेल थाना बरहड़वा के सुपुर्द कर दिया गया है।
मोबाइल तस्करी के एंगल से जांच
रेलवे और पुलिस अधिकारियों का मानना है कि इतनी बड़ी संख्या में मोबाइल फोन की बरामदगी किसी संगठित नेटवर्क की ओर इशारा करती है।
जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि मोबाइल फोन कहां से लाए गए थे और इन्हें कहां पहुंचाया जाना था। यह भी जांच की जा रही है कि मोबाइल फोन चोरी के हैं, सेकेंड हैंड बाजार से जुड़े हैं या फिर किसी अन्य अवैध कारोबार का हिस्सा हैं।

